बिजनौर के ग्राम स्वाहेड़ी में लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र पर सूख रहे पौधे।
- फोटो : BIJNOR
लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र में चार महीने से बिजली नहीं
गजरौलाशिव। गांव स्वाहेड़ी में करोड़ों रुपये की लागत से बने मंडलीय लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र में चार महीने से बिजली नहीं है। जिसके कारण केंद्र के पार्क में लगी फुलवारी व पेड़ पौधे सिंचाई न होने के कारण सूखने लगे हैं। प्रशिक्षण केंद्र पर विद्युत निगम का लगभग 18 लाख रुपया बकाया है। बिल नहीं चुकाने के कारण केंद्र का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया था।
जंगल में बने लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र पर दिन में एक व्यक्ति ड्यूटी करता है। रात के समय केंद्र पर दो होमगार्ड की ड्यूटी लगी हुई है। बिजली न होने के कारण मंडलीय लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र पर रात के समय चार माह से अंधेरा रहता है। केंद्र में मात्र एक हैंडपंप लगा है, वह भी खराब है। ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि अंधेरी रात में केंद्र पर ड्यूटी करना मुसीबत बन गया है। रोशनी न होने के कारण यहां रात में डर लगता है। हैंडपंप खराब होने के कारण पीने के लिए पानी भी गांव से लाना पड़ रहा है। कोविड सेंटर बनाए जाने के दौरान यहां बिजली दी गई थी, लेकिन अब फिर से यहां रात को अंधेरा रहता है। कोविड सेंटर समाप्त होने पर मंडलीय राजस्व लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र पर एक भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। इससे केंद्र पर साफ-सफाई का भी नहीं हो पा रही है।
जल्दी जमा करेंगे बिल
गजरौलाशिव। मंडलीय लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र प्रधानाचार्य अनुराग सिंह के अनुसार केंद्र का बिजली का बिल बकाया होने के कारण बिजली काटी गई है। बिजली बिल बकाया का नोटिस प्राप्त कर लिया गया है। शीघ्र ही बिल जमा करा दिया जाएगा।