ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं हुआ पारित
कोतवाली देहात। ब्लॉक प्रमुख कोतवाली तृप्ति राजपूत के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में कॉलम भी पूरा न होने के कारण निरस्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
ब्लॉक कोतवाली देहात के परिसर में सहायक निर्वाचन अधिकारी एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए आयोजित बैठक की प्रक्रिया मंगलवार सुबह 10 बजे शुरू की गई। इसमें अविश्वास प्रस्ताव के लिए लामबंदी करने वाली राखी अग्रवाल की अगुवाई में बीडीसी सदस्य ब्लॉक में पहुंचने शुरू हुए। करीब सवा बारह बजे तक केवल 89 सदस्य ही पहुंच पाए जबकि कॉलम पूरा करने के लिए 93 सदस्य होना जरूरी था।
क्षेत्र पंचायत में कुल 187 बीडीसी थे। इनमें से दो बीडीसी की मृत्यु के बाद 185 सदस्यों को मतदान करना था। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव को पास करने का कॉलम पूरा करने के लिए 93 सदस्यों का होना जरूरी था। पर्याप्त सदस्य नहीं हुए तो एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुलाई गई बैठक को ही खत्म कर दिया। मौजूदा ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विचार ही नहीं हो सका।
जुलाई 2019 में उप चुनाव हुए तो तृप्ति राजपूत ब्लॉक प्रमुख बनी। राखी अग्रवाल की अगुवाई में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा था। इस दौरान तृप्ति राजपूत के समर्थन में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप भी कोतवाली पहुंचे थे। उधर, भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह, मांगेराम सिंह, पिंटू प्रधान, नितिन सिरोही, राजीव आदि समर्थकों ने ब्लॉक प्रमुख के पति विकास राजपूत का स्वागत किया।