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Bijnor News: सोता रहा निजाम, 30 बीघा सरकारी तालाब पर हो गया कब्जा

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बिजनौर। प्रशासनिक लापरवाही और भूमाफिया की मनमानी का खामियाजा मोहल्ला बकली के 20 परिवार पिछले करीब एक दशक से भुगत रहे हैं। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि करीब 30 बीघा सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी विकसित कर दी गई। तालाब खत्म होने से बारिश और नालों के पानी की निकासी बंद हो गई है, जिसके कारण इस क्षेत्र में स्थायी जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।
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बिजनौर नगर पालिका का रेलवे फाटक पार करके मोहल्ला बकली है। 2021 में नगर पालिका में शामिल होने के बाद यहां रहने वाले लोगों में क्षेत्र का विकास होने की आस जागी, लेकिन 10 वर्षों से जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी बसा दी गई, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन पूरे मामले में आंखें मूंदे रहे। यदि, समय रहते तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाता तो आज लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। पहली ही बारिश में मकानों की जमीन धंसने लगी है। बरसात में कमरों में पानी भर जाता है, जिससे सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। यहां रहने वाले परिवार मजबूरन घरों की छतों पर अस्थायी व्यवस्था कर रहते हैं।

जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा
जलनिकासी का रास्ता बंद होने से गंदा पानी नहीं निकल पा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। हालत यह है कि घरों के अंदर पानी है और छतों पर लोग खाना बनाते हैं। इससे खाने की स्वच्छता भी प्रभावित होती है, जिसकी वजह से उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
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अधिकारियों से की शिकायत, नहीं हुआ समाधान
जलभराव की समस्या से त्रस्त मोहल्लेवासियों ने अपनी समस्या नगर पालिका से लेकर लेकर प्रशासन के अधिकारियों के सामने उठाई। मगर, कोई समाधान नहीं हुआ। इसी का नतीजा है कि यहां रहने वाले 20 परिवार गंदगी और जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन मिला, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

बकली में तालाब की करीब 30 बीघा जमीन है। अब यह नगर पालिका का मोहल्ला है। सरकारी जमीन की सूचना नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को दे दी गई है। उन्हें ही जमीन कब्जा मुक्त कराकर तालाब की खोदाई करानी है। .- आशीष सक्सेना, तहसीलदार, बिजनौर
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