बिजनौर में आरजेपी इंटर कॉलेज में मतों की मतगणना करते कर्मचारी और जमा एजेंटों की भीड़।
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बिजनौर में जिले में 12 नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों में निकाय चुनाव में निर्दलियों व सपा का खूब दबदबा रहा। चार नगर पालिकाओं व चार नगर पंचायतों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया। सपा ने पांच नगर पालिकाओं व एक नगर पंचायत पर कब्जा किया है। भाजपा कोई करिश्मा नहीं कर पाई और तीन सीटों पर ही सिमटकर रह गई। लोकसभा और विधान सभा चुनाव की ही तरह निकाय चुनाव में भी बसपा का सूपड़ा साफ हो गया। पिछले निकाय चुनाव में जिले में भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई थी। जिले में पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी अपना खाता खोल लिया है।
जिले की 12 नगर पालिका व छह नगर पंचायतों में निर्दलियों के साथ सपा प्रत्याशियों की खूब बल्ले बल्ले रही। इन सीटों पर निर्दलीय व सपाई काबिज हो गए। भाजपा चुनाव में कोई खास करिश्मा नहीं कर पाई। पिछले चुनाव में भाजपा जिले में खाता भी नहीं खोल पाई थी। इस चुनाव में भाजपा से बड़ी उम्मीद थी। माना जा रहा था कि भाजपा चुनाव में बड़ी आमद कराएगी, पर भाजपा कोई करिश्मा नहीं कर पाई। भाजपा केवल तीन सीट जीत पाई। भाजपा के पाले में अफजलगढ़, धामपुर व हल्दौर नगर पालिका की सीट गई हैं सपा को किरतपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, नूरपुर, बिजनौर व नगर पंचायत मंडावर मिली हैं। निर्दलियों के खातों में नगीना, नहटौर, शेरकोट, स्योहारा व नगर पंचायत झालू, साहनपुर, जलालाबाद व बढ़ापुर गई हैं। आम आदमी पार्टी में भी निकाय चुनाव में दस्तक दे दी है। सहसपुर की सीट आम आदमी पार्टी के खाते में गई है। बसपा ने निकाय चुनाव में कई प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे। पर बसपा लोकसभा व विधानसभा चुनाव की तरह जिले में खाता भी नहीं खोल पाई। चुनाव में बसपा का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस व रालोद ने भी कई जगह अपने प्रत्याशी चुनाव में उतारे थे, पर वे भी कोई करिश्मा नहीं कर पाए। दोनों दलों के प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा है।