बिजनौर। साल 2025 तक टीबी को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सोमवार से टीबी स्क्रीनिंग अभियान शुरू हो गया है। जिलेभर में 918136 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले की 20 प्रतिशत आबादी की टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान दो सितंबर से 13 सितंबर तक चलेगा। मदरसों, ईद भट्ठों, अनाथालय, फल मंडी, सब्जी मंडी, निमार्णाधीन भवन, घने आबादी वाले इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा जिले में नौ से 20 सितंबर तक सक्रिय मरीज खोजो अभियान चलेगा। इसमें 429 टीमें घर-घर भ्रमण कर टीबी रोगी खोजेंगी। इन टीमों पर 80 सुपरवाइजर काम की निगरानी करेंगे। एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध मरीजों के बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। टीबी संक्रमित मिलनेे पर मरीजों का इलाज शुरू होगा। टीबी रोग को जड़ से खत्म करने के लिए टीम काम कर रही हैं।
बिजनौर। जिले में कुष्ठ रोगी खोजने के लिए भी दो सितंबर से अभियान शुरू हो गया। जो 16 सितंबर तक चलेगा। त्वचा संबंधी कोई भी परेशानी होने पर मरीजों को सीएचसी, पीएचसी जाने की सलाह दी जा रही है। त्वचा कठोर, मोटी या सूखी होना, त्वचा पर वृद्धि, चेहरे या कान पर गांठ या सूजन कुष्ठ रोग के प्राथमिक लक्षण हैं। समय से इलाज शुरू नहीं कराने पर यह समस्या बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर त्वचा संबंधी बीमार लोगों की जांच कर रही है। जांच में कुष्ठ रोग से ग्रसित होने पर मरीज का इलाज शुरू किया जाएगा।
वर्जन::
जिले में टीबी और कुष्ठ रोगी खोजने के लिए अभियान चलाकर टीम स्क्रीनिंग कर रही हैं। लक्षण दिखाई देने वाले सभी लोगों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
....डॉ. पीआर नायर, सीएमओ, बिजनौर