बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश शैला ने गैर इरादतन हत्या में बुरहान को 10 वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जमीला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जनवरी 2017 को उसका लड़का शरीफ व दामाद बुरहान निवासी मोहल्ला हयातनगर अमरोहा नूरपुर गए थे। नूरपुर में रोडवेज बस अड्डे के पीछे दोनों में जुआ खेलने के बाद हार जीत को लेकर विवाद हो गया था। बुरहान ने शरीफ को नौ बजे लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा। इस संबंध में उसे सूचना मिली तो जमीला नूरपुर गई और इलाज के लिए शरीफ को धामपुर ले आई। उसे डॉ. राज सैनी के यहां इलाज के लिए ले जाया गया। उसके शरीर में तीन जगह फैक्चर था। यहां इलाज के दौरान शरीफ की मौत हो गई। अभियोजनकर्ता आमोद त्यागी ने बताया कि बुरहान शरीफ को जब घायल हालत में उसकी बहन अनीशा के यहां ले जाया गया था। तो अनीशा को शरीफ ने बताया था कि उसे बुरहान ने मारपीट कर चोट पहुंचाई है। कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मामले दोषी मानते हुए बुरहान के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की। कोर्ट ने बुरहान को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।