तंजील अहमद पत्नी व बच्चों के साथ
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पुलिस रिकाॅर्ड की मानें तो मुनीर के खिलाफ पहला मुकदमा साल 2013 में अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना में दर्ज हुआ था। इसके बाद दिल्ली के जामिया नगर में लूट का मुकदमा भी साल 2013 में ही लिखा गया। इसी साल अलीगढ़ में दो और मुकदमे हुए। साल 2014 में दस मुकदमे मुनीर के खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में दर्ज हुए। दिल्ली के जाफराबाद में साल 2014 में ही लूट और हत्या का केस हुआ। दिल्ली के रुपनगर थाने में भी इसी साल एक और हत्या का केस मुनीर के खिलाफ लिखा गया। दिल्ली के बाद अलीगढ़ में भी साल 2014 में हत्या का केस दर्ज हुआ। लखनऊ में भी एक हत्या समेत दो केस मुनीर के खिलाफ दर्ज हैं।
मुनीर के प्रमुख अपराध
- धामपुर में कैशवैन के गार्ड को गोली मारकर 91 लाख की लूट
- दिल्ली के रुपनगर में कैशवैन गार्ड की हत्या कर डेढ़ करोड़ की लूट
- दिल्ली के जाफराबाद में सिपाही धर्मपाल की हत्या कर पिस्टल लूट
- अलीगढ़ के सिविल लाइन में 31 लाख की लूट
- अलीगढ़ में रेलवे मजिस्ट्रेट की सुरक्षा में तैनात सिपाही सुरेश की हत्या कर पिस्टल लूट
- लखनऊ के गोमतीनगर में जज की सुरक्षा में तैनात सिपाही प्रमोद की हत्या कर पिस्टल लूट
- लखनऊ के विभूति खंड में हत्या कर मोटरसाइकिल लूट
- बिजनौर में एनआईए के डीएसपी की पत्नी सहित हत्या
मुनीर ने एनआईए अफसर की हत्या कर फैला दी थी सनसनी
छह साल पहले साल 2016 में मुनीर ने एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। देशभर में इस हत्याकांड की गूंज रही। दरअसल, एनआईए के अफसर पठानकोट हमले की जांच से जुड़े हुए थे जो शादी में शामिल होने बिजनौर में आए। अलीगढ़ से लूटी गई रिवाल्वर से मुनीर ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।
लूट और हत्या से रहा मुनीर का पुराना नाता
मुनीर का हत्या और लूट की वारदातों से पुराना नाता रहा है। मुनीर ने 29 नवंबर 2014 को कमला मार्केट में एटीएम से डेढ़ करोड़ रुपये की लूट की थी और गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साल 2013 में अलीगढ़ में एक ठेकेदार को गोली मारकर उसकी रिवॉल्वर छीनी। 2014 में अलीगढ़ में जीआरपी के सिपाही को गोली मारकर पिस्टल छीन लिए जाने का आरोप था। अलीगढ़ में बैंक लूट को भी मुनीर ने अंजाम दिया था।