-08 आपत्ति आई, निस्तारण के बाद लागू होंगे नए सर्किल रेट
-10 से 30 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी
-पिछले साल भी बढ़ोतरी हुई थी, प्रापर्टी के रेट बढ़ेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब फिर से जिले में जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन जमीनों के सर्किल रेट में संशोधन करने की तैयारी पूरी कर ली है। बुधवार को आपत्ति की अंतिम तिथि तक 08 आपत्ति आई। जिनका निस्तारण होने के बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। दस से तीस प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाए जाएंगे।
पिछले साल ही जिले में सर्किल रेट में संशोधन हुआ था। अब फिर से सर्वे कराकर सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव बना। उस पर आपत्ति मांगी गई, जिसकी बुधवार को अंतिम तिथि थी। एडीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जिलेभर से कुल 07 आपत्ति आई हैं। इनमें सबसे ज्यादा नजीबाबाद तहसील से 04 आपत्ति हैं। इसके अलावा बिजनौर, नगीना, धामपुर, चांदपुर से एक एक आपत्ति आई हैं। अगले दो दिनों में इनका निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद ही नए सर्किल रेट लागू किए जाएंगे।
उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में या अगले सप्ताह के शुरुआत में नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे। जहां जैसा विकास, पड़ोस की जगह से अधिक असमानता है, वहां वैसे ही सर्किल रेट का प्रस्ताव है। तेजी से विकसित होती कॉलोनी और इंडस्ट्रीयल विकास को देखते हुए उस क्षेत्र में अधिक सर्किल रेट बढ़ेंगे। शासन की ओर से राजस्व लक्ष्य बढ़ाया गया है। राजस्व का बड़ा हिस्सा स्टांप शुल्क से आता है।
सरकारी राजस्व में होगी बढ़ोतरी
सर्किल रेट बढ़ जाने के बाद मकान, दुकान या प्लॉट और खेती की जमीन खरीदना भी महंगा हो जाएगा। बैनामा कराते हुए अधिक कीमत के स्टांप लगाने होंगे। जमीन के रेट में तीस से चालीस फीसदी इजाफा होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने से प्रशासन के राजस्व में बढ़ोतरी होगी तो वहीं कॉलोनाइजर के प्लॉट भी महंगे हो जाएंगे।