फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: न जांच और न दवा, मरीजों को मिल रही सिर्फ सलाह

विज्ञापन
बिजनौर में छोईया नदी में बहता पानी।
विज्ञापन
विश्व कैंसर दिवस
विज्ञापन

-स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में बिजनौर में सिर्फ छह मरीज कैंसर से पीड़ित
-लक्षणों के आधार पर मरीजों को कर दिया जाता है हायर सेंटर रेफर
-स्वस्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल अस्पताल में नहीं कैंसर की जांच और इलाज की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कैंसर कोई आम बीमारी नहीं है। मगर इलाज तो दूर जिले में कैंसर की जांच तक की सुविधा नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल अस्पताल में बेहतर सुविधा के दावे खाेखले हैं। कैंसर के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में सिर्फ सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को यह भी जानकारी नहीं है कि जिले में कैंसर से कितने लोग पीड़ित हैं।

विश्व कैंसर दिवस आज मनाया जा रहा है। बिगड़ती दिनचर्या और खानपान की वजह से लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। जिले में भी काफी लोग कैंसर से पीड़ित हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग को सिर्फ छह लोगों के कैंसर से पीड़ित होने की सूचना है। इतना ही नहीं जिले के सरकारी अस्पतालों में कैंसर की जांच और दवा तक की सुविधा नहीं है। अस्पतालों में सिर्फ मरीजों की स्क्रीनिंग हो रही है। इसके बाद मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। प्राथमिक जांच एक्स-रे, सीटी स्कैन करके बेहतर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज, एम्स भेज रहे हैं। मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वस्थ्य विभाग की ओर से कैंसर पीड़ित मरीजों को सिर्फ रेफर करने की सुविधा दी जा रही है।
विज्ञापन


इस वजह से बढ़ रहा कैंसर का खतरा-
चिकित्सकों का कहना है कि धूम्रपान-शराब का सेवन, सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना, मोटापा, असुरक्षित यौन संबंध से कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा कैंसर आनुवांशिक रूप से भी होता है। जब शरीर में किसी अंग की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती है तो वह कैंसर का रूप लेता है। जिले के सरकारी अस्पताल में कैंसर की जांच और इलाज की कोई सुविधा नहीं है।

कैंसर के लिए होती है बायोप्सी जांच-
बायोप्सी टेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए होती है। इससे यह भी पता चल जाता है कि शरीर में कैंसर कितने प्रतिशत फैल चुका है। बायोप्सी का प्रयोग दिमाग, स्किन, हड्डियों, फेफड़े, दिल, लिवर, किडनी आदि में कैंसर की जांच के लिए भी होता है। यह जांच बिजनौर मेडिकल अस्पताल में नहीं की जाती है। इसके लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजते हैं।

कैंसर के लक्षण-
-अधिक थकान होना
-वजन कम होने की समस्या
-त्वचा का काला या पीला पड़ना
-निगलने में कठनाई होना
-अधिक रक्तस्राव की समस्या होना
-असमान्य गांठ महसूस होना

पिछले 15 सालों में करीब 40 लोगों की हो चुकी है मौत: निपेंद्र देशवाल
छोइया पानी आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। आसपास के करीब 50 गांवों में कैंसर की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। अधिवक्ता निपेंद्र देशवाल का कहना है कि पिछले 15 सालों में आसपास के करीब 40 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। हैंडपंपों से भी लाल, पीला और प्रदूषित पानी आता है। गांव अगरी में 12, हादरपुर में आठ, जलालपुर में चार, छोइया नंगली में छह, शाहपुर लाल में चार, आसपुर नवादा में चार लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। इसके अलावा सुंदरपुर, सिंकदरी और जलीलपुर ब्लॉक के गांवों में भी कैंसर से मौत हुई है।

वर्जन::
जिले में कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है। सीएचओ, चिकित्सक लक्षणों के आधार पर मरीजों से बातचीत कर कैंसर का पता लगाते हैं। इलाज और जांच की सुविधा नहीं है। कैंसर के लक्षण दिखाने देने पर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर देते हैं।....डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
विज्ञापन


मेडिकल अस्पताल में लक्षणों के आधार पर चिकित्सक प्राथमिक जांच कराते हैं। कैंसर की संभावना होने पर बायोप्सी जांच के लिए हायर सेंटर रेफर करते हैं। अभी जिले में कैंसर से संबंधित जांच और इलाज की कोई सुविधा नहीं है।
....डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें