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न डेंगू, न मलेरिया, घट रहीं प्लेट्लेट और हो रही मौत

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न डेंगू, न मलेरिया, घट रहीं प्लेट्लेट और हो रही मौत
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बिजनौर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। क्षेत्रों के कई गांवों में लोग बुखार की चपेट में हैं। पिछले दो माह में जिलेे में बुखार से करीब 14 लोगों की मौत हो गई है। ऐसे मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही हैं, लेकिन डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग मौत के पीछे अन्य गंभीर बीमारियों का होना बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब डेंगू से मौत नहीं हुई तो ऐसी कौन सी बीमारी है, जो लोगों की जान ले रही है। इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है।
बुखार के मरीजों की जांच के दौरान प्लेटलेट्स कम आ रही हैं, लेकिन इनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। क्षेत्रों में अभी बुखार पैर पसार रहा है। निजी अस्पतालों में बुखार से ग्रसित मरीजों की भीड़ है। सितंबर से अब तक जिले में 14 लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि जिन क्षेत्रों में बुखार से लोगों की मौत हुई है। वहां जांच शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया गया। मगर अब भी क्षेत्रों में बुखार से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिले के राजा का ताजपुर, झालू आदि क्षेत्रों में बुखार पैर पसार रहा है।
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केस नंबर एक -
नूरपुर क्षेत्र में बुखार से तीन लोगों की मौत हुई है। 11 अक्तूबर को नूरपुर निवासी हिमांशु वर्मा (26) की मौत हुई। जबकि 17 अक्तूबर को गांव नंगली पथवारी निवासी कलवा (35) की मौत हो गई। नंगली पथवारी की हलीमा खातून (25) की 22 अक्तूबर को बुखार से मौत हुई है। इनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही कोई अन्य बीमारी भी नहीं पाई गई है।
केस नंबर दो-
हल्दौर क्षेत्र के गांव नांगलजट निवासी विकुल चौधरी (21) पुत्र ताहर सिंह की 13 अक्तूबर को बुखार से मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। विकुल की बुखार में प्लेटलेट्स कम होना बताया जा रहा है। गांव गंगोड़ा मिलक निवासी तरन्नुम जहां (39) पत्नी आफाक की बुखार से जिला अस्पताल में 23 अक्तूबर को मौत हुई। प्रभारी चिकित्सक महिला को डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला की सेफ्टिक से मौत हुई है।
केस नंबर तीन-
नहटौर क्षेत्र के गांव फरीदपुर निवासी तीन वर्षीय अदनान की 26 अक्तूबर को मौत हो गई। बच्चे के पिता मोहम्मद मुस्तफा ने बताया के उसके बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा था।
केस नंबर चार -
शिवाला कलां क्षेत्र के गांव फीना में बुखार से कक्षा सात के दो बच्चों सहित एक महिला की मौत हो गई। सितंबर माह की शुरूआत में रविंद्र शर्मा पुत्र अभिषेक शर्मा और दलजीत प्रजापति के पुत्र ललित की बुखार से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभिषेक को ज्वाइनडिस की बीमारी थी। मुकेश देवी (48) पत्नी महिपाल सिंह की 28 सितंबर को बुखार से मौत हुई है।
केस नंबर पांच-
पैजनियां के गांव सैलपुरा बलनौला निवासी जस्सी पुत्री अरविंद की 21 सितंबर को बुखार से मौत हुई। चंदक के गांव किशनपुर में 14 सितंबर को अमित (25) पुत्र राकेश की बुखार से मौत हुई। इसके अलावा हीमपुर दीपा के गांव जागी औंधा में एक सप्ताह पहले मेहर सिंह (50) की बुखार से उपचार के दौरान मेरठ मौत हुई है।
ये लोग दूसरी जगहों पर हुए बुखार से ग्रसित
स्योहारा निवासी कुंवर राणा प्रताप सिंह (67) की 11 अक्तूबर को बुखार से मौत हुई है। उनका परिवार नोएडा में रहता था। इसलिए उनका स्योहारा आना जाना लगा रहता था। उनकी मौत नोएडा में इलाज के दौरान हुई। नहटौर के मोहल्ला अफगानान निवासी मयंक नोएडा में नौकरी करता था। बुखार आने पर परिजन उसे घर ला रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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जिले में किसी की भी मौत डेंगू से नहीं हुई है। इस समय मौसमी बुखार चल रहा है। मौसम परिवर्तन होने से लोग बुखार की चपेट में है। जिन लोगों की बुखार से मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर को अन्य गंभीर बीमारियां थीं - डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ
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