दूध में पानी की मिलावट ज्यादा मिली। दूध में फैट की मात्रा साढे चार प्रतिशत होनी चाहिए। मगर, फेल लाइन नैनो में फैट की मात्रा तीन से साढ़े तीन प्रतिशत पाई गई। फेल आए दूध के नमूनों पर कोर्ट ने 12 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट में दायर कराया जा रहा वाद
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी नादिर अली ने बताया कि लगातार अभियान चला कर दूध के नमूने एकत्र किए जाते हैं। 32 नमूने फेल आए हैं। फेल आने पर मालिकों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कराया जा रहा है। दूध में पानी मिलाने से स्वास्थ्य पर कोई नुकसान नहीं पड़ता, लेकिन लोगों को सही मात्रा में प्रोटीन सहित अन्य तत्व नहीं मिल पाते हैं।
दुग्ध के कारोबार से मिल रहा रोजगार
ग्रामीण अंचल में खेती के साथ किसानों के लिए दूध का बेचना अच्छा कारोबार बन रहा है। खेती से जुड़े इस कारोबार से न सिर्फ किसानों की आय बढ़ रही है, बल्कि दूध की समिति, डेरी संचालन पर ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
अकेले पराग डेरी की जनपद में करीब 150 समितियां संचालित हो रही है। एक समिति पर सभापति, सचिव को रोजगार मिल रहा है। मार्केटिंग प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि रोजाना समितियों से करीब 18 हजार लीटर दूध आ रहा है।