फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना काल में ठंडा पड़ा नांगलसोती का गुड़ उद्योग

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना काल में ठंडा पड़ा नांगलसोती का गुड़ उद्योग
विज्ञापन

नांगलसोती/नजीबाबाद। कोरोना संक्रमण काल में नांगलसोती का गुड़ उद्योग बुरी तरह प्रभावित है। नांगलसोती में 50 से अधिक कोल्हुओं का हर वर्ष संचालन होता था। गतवर्ष संचालन पर प्रभाव पड़ने के बाद इस वर्ष भी कोल्हू संचालन बुरी तरह प्रभावित है। मजदूरों के अभाव में मात्र 20 से 25 कोल्हू चल रहे हैं।
गुड़ उद्योग के लिए नांगलसोती दूर तक जाना जाता है। नांगलसोती का मीठा गुड़ किरतपुर की गुड़ मंडी के साथ मंडी धनौरा, मुजफ्फरनगर सहित कई क्षेत्रों में पसंद किया जाता है। कोल्हू संचालक राजवीर सिंह, तेजपाल सिंह, मोनू, नितिन आदि का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल ने नांगलसोती के गुड़ उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है। नांगलसोती में करीब 50 कोल्हुओं पर गुड़ उत्पादन का काम किया जाता है। गतवर्ष कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से नांगलसोती के कोल्हुओं का संचालन प्रभावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गन्ना पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व कोल्हुओं का संचालन शुरू होता है और चीनी मिलें बंद होने के बाद तक जारी रहता है। नकदी फसल के रूप में किसान कोल्हुओं पर गन्ना लाते हैं। नांगलसोती में चीनी मिल पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व कोल्हुओं का संचालन शुरू हुआ था। संक्रमण बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मजदूरों की कमी के चलते कोल्हुओं का संचालन बंद होने लगा। वर्तमान में नांगलसोती में मात्र 20 से 25 कोल्हू चुनौती पूर्ण परिस्थितियों में चल रहे हैं। आमतौर पर नांगलसोती के कोल्हुओं पर पांच हजार से छह हजार क्विंटल गन्ने से प्रतिदिन गुड़ बनाया जाता है। प्रतिदिन औसतन 500 क्विंटल गुड़ उत्पादन करने वाले कोल्हुओं पर काम करने वाले मजदूर और कोल्हू संचालक बदहाली के शिकार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें