बढ़ापुर रेंज में खानाबदोशों के तंबुओं की तलाशी लेते वनकर्मी।
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बढ़ापुर में आरक्षित वन क्षेत्र व उससे सटे इलाकों में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए बढ़ापुर वन रेंज व उत्तराखंड की लैंसडाउन कोटडी वन रेंज के वनकर्मियों की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती वन क्षेत्र में सर्च अभियान चलाकर खानाबदोशों के डेरों की तलाशी ली। वन विभाग के इस सर्च अभियान से खानाबदोश परिवारों में हड़कंप मच गया।
वन प्रभाग नजीबाबाद व उत्तराखंड के लैंसडाउन डिवीजन की सीमाएं आपस में मिली हुई हैं। दोनों राज्यों के आरक्षित जंगल के आसपास कई खानाबदोश परिवार तंबू व झोपड़ियां डालकर वहां रहते हैं। जंगल के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश में डीएफओ नजीबाबाद अखिलेश मिश्रा के निर्देशन में बढ़ापुर व लैंसडाउन डिवीजन की कोटडी रेंज के वनकर्मियों की संयुक्त टीम ने दोनों राज्यों के वनों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाकर बढ़ापुर रेंज क्षेत्र में जंगल के समीप तंबू व झोपड़ियां डालकर रहने वाले खानाबदोशों के तंबुओं व झोपड़ियों की तलाशी ली, लेकिन वहां पर कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु नहीं मिली। डीएफओ नजीबाबाद अखिलेश मिश्रा ने बताया कि वन सीमा व आरक्षित वन क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश में सर्च अभियान का चलाए जाना एक सामान्य कार्रवाई है। अभियान में कोटडी रेंज के गजपाल राणा, महेंद्र सिंह, संदीप नेगी, बढ़ापुर रेंज के सुरेंद्र सिंह, ज्ञानी सिंह, आनंद सिंह शामिल रहे।