बिजनौर। नूरपुर के एसआर हेल्थकेयर से बच्चा बेचने के के तार नजीबाबाद के वर्णिका हॉस्पिटल से जुड़े हैं। ऐसे में एसएचओ नूरपुर ने अस्पताल पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी। टीम ने जांच करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।
नजीबाबाद स्थित वर्णिका हॉस्पिटल बाहर के चिकित्सक के नाम पर सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत था। जांच में सामने आया कि जिस डॉक्टर के नाम हॉस्पिटल पंजीकृत है। वह दूसरे जिले का रहने वाला है। दूरी अधिक होने से वह हॉस्पिटल रोजाना नहीं आ सकता था। पंजीकरण को अपात्र पाते हुए वर्णिका हॉस्पिटल का पंजीकरण कैंसिल कर दिया गया था। अब एसएचओ नूरपुर ने एसआर हेल्थकेयर और वर्णिका हॉस्पिटल पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी थी। वर्णिका हॉस्पिटल संचालक की भी बच्चा बेचने के मामले में भूमिका सामने आई। बृहस्पतिवार को डॉ. केपी सिंह ने पंजीकरण नहीं मिलने पर हॉस्पिटल को सील कर दिया। इस दौरान संचालक मौके से भाग निकला।
किरतपुर का माथुर हॉस्पिटल किया सील
किरतपुर में बिना पंजीकरण माथुर हॉस्पिटल संचालित हो रहा था। इसकी शिकायत हुई। कागजात दिखाने के लिए संचालक को नोटिस जारी किया। लेकिन, उसने कागजात नहीं दिखाए। बृहस्पतिवार शाम को नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा ने कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल को सील कर दिया।
इस साल 30 अवैध क्लीनिक और हॉस्पिटल हुए सील
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अवैध क्लीनिक और हॉस्पिटल के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस साल करीब 30 अवैध क्लीनिक एवं हॉस्पिटल को सील कर दिया। इसके अलावा नियम विरूद्ध चल रहे छह क्लीनिक बंद कराए गए हैं।
पुलिस की तरफ से रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर वर्णिका हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच में अपंजीकृत मिलने पर हॉस्पिटल को सील कर दिया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, डिप्टी सीएमओ, बिजनौर