बिजनौर के धामपुर में चीनी मिल ने गन्ना सेंटरों पर गन्ना भराई के लिए मजूदरों के टोटे को देखते हुए 53 गन्ना लोडरों को लगाया है। मिल अफसरों का कहना है कि 20 सेंटरों को छोड़कर बाकी 172 गन्ना सेंटरों पर इन्हें लगाया जाएगा। एक लोडर को दो-दो सेंटरों पर लगाया गया है। पर्याप्त गन्ना न आने से मिल का पहिया दूसरे दिन भी नहीं घूम सका।
गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह ने बताया कि सात नवंबर की शाम तक मिल के सभी सेंटरों पर करीब 40 हजार कुंतल गन्ने की ही खरीद हो सकी है। लेकिन मिल गेट पर भी अभी कोई खरीद नहीं हुई है। मिल के संचालन के लिए करीब एक लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत होती है। अधिकारियों का मानना है कि किसानों का खेतों में गन्ना तैयार न होने से दिक्कत आ रही है। मिल अधिकारियों ने अभी गन्ना सुरक्षण आदेश जारी न होने से असंतोष जताया है। उनका कहना है कि पहले ऐसा नहीं हुआ।
उधर, डीसीओ ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने में आई दिक्कत के लिए स्वयं चीनी मिलें जिम्मेदार हैं। पिछले सालों में जब चीनी के रेट कम हो गए थे तो प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलों ने अपने प्रस्तावों को भरकर नहीं भेजा था।
अब जब चीनी के रेट ज्यादा है तो चीनी मिलों को गन्ना सुरक्षण आदेश जल्द जारी होने की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना सुरक्षण आदेश एक दो दिन में जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।