नगीना। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने हाल ही में दिल्ली में हुए छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे को लेकर लोकसभा में सरकार पर जमकर हमला बोला। पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर बोलते हुए सांसद ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि अच्छे रहेगा कि प्रधानमंत्री उन बच्चों के परिवारों को बुलाकर संबल दें, उनके दुख को सुनें।
सांसद ने कहा कि परीक्षा देने वाले छात्रों की पहचान आधार, बायोमेट्रिक और कई स्तर की जांच से होती है फिर भी प्रश्नपत्र सुरक्षित नहीं रह पाता। उन्होंने सवाल किया कि यदि लाखों छात्रों की पहचान सुरक्षित की जा सकती है, तो प्रश्नपत्र की सुरक्षा क्यों नहीं की जा सकती? सांसद ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नीट, यूजीसी नेट, सीयूटी, जेईई, यूपी में यूपी पुलिस कांस्टेबल, यूपी पीसीएस, यूपी टेट के पेपर लीक हुए हैं। तकनीकी गड़बड़ी, परीक्षा रद्द, मूल्यांकन विभाग और ओएमआर और स्कैन कॉपी से जुड़ी शिकायतों ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद किया है। उन्होंने मांग कि जब नॉर्मलाइजेशन के आधार पर छात्रों का भविष्य तय किया जाता है, तो रोज़ स्कोर, प्रयुक्त फॉर्मूला, स्कोर कोड पूरी पारदर्शिता से उपलब्ध कराए जाने चाहिए। चयन की गणितीय प्रक्रिया गोपनीय रखने का कोई औचित्य नहीं है। पारदर्शिता विश्वास पैदा करती है जबकि गोपनीयता संदेह। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को छात्र आंदोलन में वह स्वयं मौजूद थे। लाठी और आंसू गैस के गोले चले। बच्चे पानी मांग रहे थे। उन्हें देखकर शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की भूख हड़ताल याद आई। उन्होंने कहा कि बिहार में तो एके-47 चली, करंट लगाया गया। ऐसा लग रहा था सरकार अपने देश के छात्रों से नहीं बल्कि आतंकवादियों से लड़ रही है।
चार मिनट से पहले टोकने पर भड़के सांसद
लोकसभा में सांसद चंद्रशेखर जब अपनी बात रख रहे थे तो सभापति ने उनसे अपना संबोधन समाप्त करने का अनुरोध किया। दरअसल चार मिनट का दिया गया समय अभी पूरा नहीं हुआ था, तो इस बात से सांसद चंद्रशेखर भड़क गए। उन्होंने कहा कि चार मिनट भी अभी पूरे नहीं हुए।