बिजनौर। शरदकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती करने से सरसों की बुवाई करने से न केवल गन्ने की पैदावार बढ़ेगी। बल्कि किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी। इस बार कृषि विभाग जिले में 1617.31 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरदकालीन गन्ने के साथ सरसों की खेती कराएगा। शासन से कृषि को सरसों का क्षेत्रफल बढ़ाने का लक्ष्य मिला है।
इसके लिए कृषि विभाग किसानों को निशुल्क 64.69 क्विंटल सरसों का बीज बांटा जाएगा। एक किसान को अधिकतम एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए चार किलोग्राम सरसों का बीज निशुल्क दिया जाएगा। शरदकालीन गन्ने की फसल की उचित देखभाल, सिंचाई, खाद और कीटनाशक के उपयोग व लागत में सरसों की भी फसल हो जाएगी। सरसों की खेती से जमीन की उर्वरक शक्ति बढ़ेगी।
सहफसली खेती के लाभ
- सहफसली खेती करने से किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी।
- इस विधि से एक साथ दो फसल प्राप्त करेंगे जिले के किसान।
- सहफसली खेती करने से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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जनपद में इस बार गन्ना फसल के साथ सरसों की खेती कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को निशुल्क सरसों के बीज की किट दी जाएगी। साथ ही बुवाई की विधि व सहफसली के लाभ के बारे में किसानों बताया जा रहा है। शरदकालीन गन्ने की खेती व उसके साथ सरसों की बुवाई के लिए सितंबर से अक्तूबर का समय उचित है। - डॉ. घनश्याम वर्मा, उप कृषि निदेशक