बिजनौर। अयोध्या में विवादित ढांचे की बरसी पर मुस्लिम संगठनों ने काला दिवस मनाया। मुस्लिम संगठन प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनुज सिंह को सौंपा।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने कहा कि 1992 में देश की एकता व अखंडता को दरकिनार कर अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा दिया गया था। ऑल इंडिया इमाम्स कौंसिल ने कहा कि विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
ज्ञापन में घटना के सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने, गलत बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, अदालतों में कानूनी प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई। इस दौरान कारी नासिरूद्दीन, कारी अब्दुल हन्नान, मौलाना वसीउलहसन, कारी अनीस, मौलाना इरशाद आदि मौजूद रहे।
इंडियन मुस्लिम लीग ने कहा कि विवादित ढांचे को गिराए जाने के प्रकरण में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग की गई। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष इलयास अहमद, अब्दुल बहाव, अब्दुल वाहिद, नईमुद्दीन आदि मौजूद रहे। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने ज्ञापन में आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कराने की मांग की है।
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष इकराम शाह मियां, अब्दुल सलाम, डा.बिलाल, संजय सागर, रिसालत हुसैन आदि मौजूद रहे। ऑल इंडिया मुस्लिम फ्रंट ने विवादित ढांचे को उसी के स्थान पर बनवाने, फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष परवेज आफताब, ताहिर फारूकी, आफाक अंसारी, ाइमरान आदि मौजूद रहे।