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Bijnor News: बिजनौर - आखिरी दिन रोड शो में प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत

Wed, 03 May 2023 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- बारिश के बीच सड़क पर लोगों की भीड़ दिखाने की होड़
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- जिले में बिजनौर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में, दिग्गज लगा चुके हैं जोर
- इस बार भी निर्दलीय कई सीटों पर दिग्गजों को दे सकते हैं पटखनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रत्याशियों ने ताकत झोंक दी। सभी का प्रयास रहा कि ताकत दिखा मतदाताओं को रिझाने में जुटे रहे। बारिश के बीच प्रत्याशियों ने रोड शो निकाला। जिले की बात करें तो भाजपा पिछले चुनाव से बेहतर करने के दबाव में नजर आ रही है। सपा सीट बचाने में लगी है। इस बार भी कई सीटों पर निर्दलियों का ही जोर दिख रहा है, जो इस बार भी दिग्गजों को पटखनी दे सकते हैं।
मंगलवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन रहा। सुबह के समय बारिश तो रही, लेकिन दोपहर में प्रत्याशियों ने भीड़ के साथ रोड शो निकालकर अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया। इसके बाद पार्टी कार्यालय पर आगे की रणनीति बनाई। बिजनौर शहर में भाजपा, सपा और रालोद प्रत्याशी के बीच ज्यादा से ज्यादा भीड़ दिखाने की होड़ नजर आई। वहीं इस रोड शो में जहां रूठे साथ पैदल चलते नजर आए तो कुछ चेहरे गायब भी दिखे। जिलेभर का भी यही हाल रहा।
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रोड शो में शहर से देहात तक की भीड़
बिजनौर शहर में भाजपा, सपा और रालोद ने रोड शो निकाला। रोड शो में भीड़ तो सभी ने जुटाई, लेकिन लोगों के बीच यह भी चर्चा का विषय बना रहा कि रोड शो में शहर के साथ-साथ देहात के लोग भी शामिल थे। शहर के खास कार्यकर्ता ही शामिल थे। यह एक पार्टी में नहीं, बल्कि तीनों ही पार्टियों के रोड शो में नजर आया।


सीट बचाने, सीट बढ़ाने पर जोर
पिछले चुनाव में भाजपा को जिले में तीन ही सीट मिली थी। इनमें धामपुर, हल्दौर और अफजलगढ़ की सीट थी। इसके अलावा सपा के छह चेयरमैन बने थे। वहीं आठ सीटों पर निर्दलियों ने दिग्गजों को पछाड़ दिया था। वहीं एक सीट आप के खाते में गई थी। इस बार भाजपा अपनी सीट बढ़ाने पर पूरा जोर दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष, मंत्री और तमाम बडे़ पदाधिकारी और नेता लगातार जिलेभर में घूम रहे हैं, ताकि शहरी सरकार में बढ़त बन सके। हालांकि इस बार पिछली जीती सीट में धामपुर और हल्दौर दोनों ही जगह भाजपा के लिए चुनौती भरा होगा। उधर सपा के लिए सीट बचाने की चुनौती भी दिख रही है। चुनाव से पहले तक गठबंधन में रहने वाली रालोद अब सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं इससे इन सीटों पर सपा के लिए राह आसान नहीं होगी। रालोद, बसपा और कांग्रेस के सामने जिले में निकायों में खाता खोलने की चुनौती सबसे बड़ी है। क्योंकि इनके पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं थी।

बिजनौर में वोटों के बंटवारे पर टिकी जीत
- भाजपा मुस्लिम वोट तो सपा को हिंदू वोटों में बंटवारे की उम्मीद
बिजनौर।
बिजनौर नगर पालिका में भले ही सभी पार्टी जीत का दावा कर रही हो, लेकिन यहां राह किसी के लिए आसान नहीं है। जहां भाजपा मुस्लिम वोटों के बंटवारे में जीत का समीकरण जोड़ रही है, वहीं इसी तरह सपा भी नाराज हिंदू वोटों को खींचकर अपना जीत का आंकड़ा बनाने में जुटी है। रालोद की बात करें तो यहां पर मुस्लिमों के साथ पुराने रालोदी जाट और अन्य हिंदू वोटों का समीकरण बनाते दिख रहे हैं। हालांकि यह समीकरण धरातल पर कितने उतरेंगे यह तो चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे, लेकिन रोजाना बदलता रुख सभी की मुश्किलें बढ़ा रहा है। बसपा दलित के साथ मुस्लिम वोट जोड़ने के प्रयास में है।
बिजनौर नगर पालिका खासतौर से भाजपा के लिए नाक का सवाल बन रही है। जहां भाजपा का ही एक वर्ग टिकट बंटवारे को गलत साबित करने में जुटा है, वहीं भाजपा का ही दूसरा पक्ष इस सीट को जीतकर टिकट के निर्णय को सही साबित करने की कोशिश में है। सही क्या है यह तो यह चुनावी परिणाम के साथ ही सबके सामने होगा, लेकिन इस बीच टिकट बंटवारे से पनपी नाराजगी को सपा प्रत्याशी भुनाने में जुटी है। वैश्य समाज को मनाने के लिए भाजपा के जिला प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल व अन्य बडे़ ऐसे ही नाम मैदान में उतर गए, लेकिन वहीं सपा इन नाराज वर्ग के बीच जाकर अपना वोटों का दायरा बढ़ाने की कोशिश में लगी है।
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भाजपा आस लगाए बैठी है कि हिंदू वोट एकजुट होकर उनके खाते में आएगा। वहीं मुस्लिमों के वोटों में सपा, रालोद और बसपा के बीच बंटवारा होगा। उधर सपा की बात करें तो सपा बिजनौर में मुस्लिम वोट एकजुट उनके पाले में आने और हिंदुओं में नाराज वोट भी खासतौर से वैश्य समाज उनके खाते में आने की उम्मीद है। रालोद प्रत्याशी बिरादरी के नाते मुस्लिम और काम के बलवूते हिंदू वोट अपने पाले में आने का दावा करते दिख रहे हैं।
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