धामपुर में वरासत के सबसे ज्यादा विवादित मामले
बिजनौर, धामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरासत को राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत दर्ज कराने के लिए राजस्व विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सबसे ज्यादा विवादित मामले धामपुर तहसील क्षेत्र में उजागर हुए हैं। यहां कुल 2579 ग्रामीणों ने वरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन कराए थे। इनमें से 124 प्रार्थना पत्र जांच में विवादित पाए गए।
सबसे कम विवादित मामले बिजनौर तहसील में हैं। तहसीलदार आरसी चौहान ने बताया कि सरकार के आदेश पर 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक के लिए राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वरासत दर्ज कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत संबंधित लोगों से वरासत दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र प्राप्त किए जा रहे हैं। जनपद बिजनौर में अभियान के तहत अब तक 9041 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। इनमें से 8881 आवेदनों का निस्तारण कर उनकी वरासत को दर्ज कराया जा चुका है।
अभियान के तहत धामपुर तहसील में 124 मामले विवादित उजागर हुए हैं। बिजनौर तहसील में 1328 आवेदनों में से 35, चांदपुर तहसील में 2154 मामलों में से 46, नगीना तहसील में 1598 में से 90 और नजीबाबाद तहसील में 1382 दर्ज आवेदनों में से 58 आवेदन विवादित हैं। जिसके कारण इनका निदान नहीं हो पा रहा है। जनपद में कुल 353 आवेदन विवादित हैं। प्रयास के बाद भी उनका निदान नहीं हो पा रहा है।
जिले में वरासत के 160 मामले लंबित
तहसीलदार ने यह भी बताया कि जिले की सभी पांचों तहसीलों में 160 आवेदन लंबित हैं। नजीबाबाद तहसील में सबसे अधिक 43 आवेदन लंबित हैं। नगीना तहसील में सबसे कम 20 प्रार्थना पत्र लंबित हैं। बिजनौर तहसील में 24, चांदपुर में 33, धामपुर में 40 प्रार्थना पत्र लंबित हैं। इस प्रकार से जनपद बिजनौर में कुल 160 प्रार्थना पत्रों के लंबित होने से उनका निदान कराने का प्रयास किया जा रहा है।