उपद्रव से बचने को एक हजार से ज्यादा लोगों को दिए गए थे नोटिस
बिजनौर। प्रशासन ने उपद्रवियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। जिले भर में एक हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद भी उपद्रवी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर जिले भर की पुलिस को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। रात भर पुलिस ने लोगों के घरों में दबिश दी। सीढ़ियों से घरों में उतरकर दबोच कर लाई। 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर थाने में बैठाया था। मुचलका पाबंद किया था। पुलिस मान बैठी थी कि इतना दबाव बनाने के बाद कोई सिर नहीं उठाएगा, मगर उपद्रवियों के इरादे तो कुछ और ही थे।
ज्ञापन देने के बाद की तोड़फोड़
बिजनौर। उपद्रवियों के बवाल से पहले जामा मस्जिद पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। आईजी (लोक शिकायत) नवीन अरोड़ा ने पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आला अफसर पुलिस बल के साथ मौके पर जमे रहे। जामा मस्जिद पर लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। सभी से घर जाने की अपील की गई। लेकिन उपद्रवियों ने ज्ञापन देने के बाद शहर भर में तोड़फोड़ की।
काली पट्टी बांधी
बिजनौर। जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए लोग बांह व माथे पर काली पट्टी बांधकर गए थे। उन्होंने अपने हाथ में कई नारे लिखीं तख्तियां भी ले रखी थीं। कई तख्तियों से गंगा जमुनी तहजीब की भी बात कर रहे थे।
बन गए थे कर्फ्यू जैसे हालात
बिजनौर। बवाल खत्म होने के बाद दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने शुरू हो गए। शहर में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए। बैंक, कोचिंग सेंटर व बाकी संस्थाओं के कार्यालय भी जल्दी बंद कर दिए गए। सभी को घर जाने की जल्दी रही। रात तक सड़कों पर वाहन दौड़ते नजर आए। बवाल खत्म होने के करीब एक घंटे बाद पुलिस पूरी तरह से स्थिति पर नियंत्रण पाने में सफल रही। इसके बाद शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने शहर के अनेक इलाकों में वाहनों से गश्त भी की।
गीता नगरी में था लूट का इरादा
बिजनौर। उपद्रवियों का पॉश कॉलोनी गीता नगरी में हंगामा व लूटपाट करने का इरादा था। वे इस इरादे से कॉलोनी में घुस भी गए, लेकिन कॉलोनी वाले घरों से बाहर आ गए। उन्होंने उपद्रवियों को ललकारा। विरोध होता देखकर उपद्रवी नारेबाजी करते हुए वहां से खिसक गए।
मीडियाकर्मी रहे निशाने पर
बिजनौर। उपद्रवियों के निशाने पर मीडियाकर्मी भी रहे। मीडियाकर्मी शुरूआत से ही कार्यक्रम की कवरेज करने के लिए जामा मस्जिद पर पहुंचे थे। तब कवरेज के दौरान किसी मीडियाकर्मी से कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में मीडियाकर्मियों ने जब तोड़फोड़ की कवरेज करनी शुरू की तो उपद्रवियों ने उन्हें निशाना बनाया। सिविल लाइन में फोटोग्राफर विपिन कुमार और नसीम मलिक को पीटा गया। विपिन कुमार का कैमरा भी तोड़ दिया।