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पहले ही दिन चार हजार से अधिक ने छोड़ी परीक्षा

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पहले ही दिन चार हजार से अधिक ने छोड़ी परीक्षा
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बिजनौर। यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन चार हजार से अधिक परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा छोड़ने वालों में हाईस्कूल की संख्या अधिक रही। फ्लाइंग स्क्वॉड ने 75 परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग की। जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे। पहले दिन किसी केंद्र पर नकलची नहीं पकड़ा गया।
जिले के 122 परीक्षा केंद्रों पर हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में हुई। हाईस्कूल हिन्दी की परीक्षा में पंजीकृत 50413 परीक्षार्थी में से 24270 छात्र और 22588 छात्राएं कुल 46858 उपस्थित रहे, जबकि 2444 छात्र और 1110 छात्राएं कुल 3555 अनुपस्थित रहे।
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इंटरमीडिएट साहित्यिक हिंदी में पंजीकृत 16955 परीक्षार्थी में से 16456 परीक्षार्थी उपस्थित रहे तथा 499 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे हैं, जबकि सामान्य हिंदी में पंजीकृत 24050 में से 23272 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 778 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे हैं। इस तरह इंटरमीडिएट के पंजीकृत कुल 41005 छात्र छात्राओं में 39728 उपस्थित तथा 1277 अनुपस्थित रहे। गैरहाजिर रहने वालों में हाईस्कूल के परीक्षार्थी अधिक हैं, जिनमें छात्रों की संख्या ज्यादा है।
- सात सचल दस्ते चेकिंग में रहे
बिजनौर। सचल दलों ने पहले दिन परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग की। 75 केंद्रों पर चेकिंग हुई। डीआईओएस दफ्तर मंगलवार तड़के से ही व्यवस्था बनाने में जुट गया था। सात सचल दस्तों को सुबह छह बजे परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग के लिए रवाना किया गया था। सचल दल के प्रभारी शिक्षा विभाग के राजपत्रित अधिकारी हैं। हर टीम में दो महिला अधिकारियों सहित पांच सदस्य रहे। पहले दिन डीआईओएस टीम ने 12, बीएसए ने 10 डायट प्रधानाचार्य ने छह, प्रधानाचार्य सत्यवीर सिंह ने नौ, निशांत कुमार ने 15 सुभाषचंद्र ने 12 तथा मंजू गुप्ता ने छह परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया है।
- सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने बरती ढील
बिजनौर। जिले को 18 सेक्टर में बांटकर निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। जिला स्तरीय अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट हैं। पांच जोनल मजिस्ट्रेट हैं। तहसीलों के एसडीएम जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। प्रथम पाली में हाईस्कूल हिंदी के पेपर में कुछ सेक्टर मजिस्ट्रेटों को छोड़कर कोई सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचा। जोनल मजिस्ट्रेट भी निरीक्षण को नहीं पहुंचे।
- राज्य कंट्रोल रूम से देखे 12 केंद्र
बिजनौर। जिले के 12 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों को राज्य कंट्रोल रूम से भी देखा गया। सभी केंद्रों पर कैमरे चल रहे थे। कक्ष निरीक्षक कमरों के अंदर मूवमेंट में थे। सचल दल परीक्षा केंद्रों की जांच करते देखे गए। डीएम तथा डीआईओएस को निगरानी रिपोर्ट प्रेषित होती रही। प्रभारी पवन देवी के अनुसार सब कुछ ठीक रहा है। वहीं, जिला कंट्रोल रूम द्वारा चुने गए केपी एस बिजनौर, बीएसए कादराबाद, आरएसपी स्योहारा, सिरवासुचंद अफजलगढ, एचआईसी नगीना तथा जीआईसी नजीबाबाद परीक्षा केंद्रों में पेपर खोलने तथा उत्तर पुस्तिकाएं सील करने की प्रक्रिया को बडे़ स्क्रीन पर देखा गया है।
- कंट्रोल रूम नहीं पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
बिजनौर। शासन ने पहली बार जिला कंट्रोल रूम की निगरानी के लिए प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के अधिकारी अलग अलग नियुक्त किए हैं। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम तैनात हैं। परंतु प्रथम पाली में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कंट्रोल रूम नहीं पहुंचे। शिक्षा विभाग की ओर से प्रधानाचार्य पवन देवी मौजूद रहीं।
- गैरहाजिर कक्ष निरीक्षकों पर का होगा निलंबन
बिजनौर। परीक्षा में 300 से अधिक कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि गैरहाजिर रहने वाले राजकीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। बेसिक के 112 शिक्षकों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई को पत्र भेजा जा रहा है। वित्त विहीन विद्यालयों के अनुपस्थित 177 शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण ड्यूटी मूल्यांकन कार्य से अगले पांच साल तक मुक्त करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रबंधकों को रिलीव नहीं करने के आरोप में विद्यालयों की मान्यता समाप्ति को पत्र भेजा जा रहा है।
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- परिवहन सेवा न मिलने से रहे परेशान
बिजनौर। छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए वाहनों के नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा है। छात्र साइकिलों से परीक्षा देने आए। परिवहन निगम ने लोकल रूट पर बसों के संचालन का समय बदलने की बात कही थी, परंतु रोडवेज की बस भी परीक्षार्थियों को नहीं मिल सकी।

बहुत अच्छा हुआ पेपर। बिजनौर में हाई स्कूल यूपी बोर्ड की परीक्षा देकर आने पर पेपर अच्छा होने पर खि?- फोटो : BIJNOR

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