लंपी से 24 गांवों में सौ से अधिक पशु बीमार
चांदपुर। तहसील के ब्लॉक जलीलपुर के करीब दो दर्जन गांवों में सौ से अधिक मवेशी लंपी बीमारी से पीड़ित हैं। जिससे पशुपालकों में दहशत व्याप्त है। पशुपालन विभाग पशु पालकों को जागरूक कर रहा है, विभाग द्वारा इसकी रोकथाम के लिए करीब दो हजार मवेशिओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
चांदपुर क्षेत्र में पशुओं के अंदर लंपी बीमारी फैल रही है। ब्लॉक जलीलपुर के गांव सैंदवार, कुतुबपुर गांवड़ी, सकतलपुर मिलक, संसारपुर, रेहरा, हीमपुर दीपा, रतनपुर खुर्द, महमूदपुर, अज्जू नंगली, मंसुरपुर, गंधौर, शाहपुर भसौड़ी, जमालुद्दीनपुर, नारनौर, बसंतपुर, रूकनपुर, नाईपुरा उर्फ मतलूबपुर आदि गांवों में गोवंशीय पशुओं में लंपी रोग तेजी से फैल रहा है। करीब सवा सौ से अधिक पशु इस बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ गांवों में तो पशु पालक निजी चिकित्सकों से पशुओं का इलाज करा रहे हैं। दुधारू पशु के लंपी बीमारी के चपेट में आने से दुध का उत्पादन भी घटने लगा है। इस बीमारी में पशु को तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरों व गल कंबल पर सूजन, पूरे शरीर में कठोर चपटी गांठ उभर आना, गाभिन पशुओं में गर्भपात, दुधारू गायों में काफी कम दुग्ध उत्पादन, पशुओं में वजन घटना, शारीरिक कमजोरी होने लगती है, पशु चारा भी नहीं खाता है।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि बुखार की स्थिति में ज्वर नाशक का प्रयोग, धावों पर मक्खियों से बचाव हेतु नीम की पत्ती, मेहंदी की पत्ती, लहसुन, हल्दी पाउडर को नारियल या सरसों के तेल में लेप बनाकर लगाना चाहिए। निकटतम सरकारी पशु चिकित्साधिकारी पशुधन प्रसार अधिकारी को सूचित करें, प्रभावित पशुुुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें, प्रभावित पशुओं की आवाजाही को प्रतिबंधित करें, कीट के काटने से बचने के लिए पशुओं के शरीर पर कीट निवारण का प्रयोग करें।