कालागढ़ में पक्षी अवलोकन के दौरान दिखाई दिए सुंदर पक्षी। स्रोत विभाग
कालागढ़। कालागढ़ में उत्तराखंड राज्य के वन विभाग के अनेक वन प्रभागों के प्रशिक्षु वन आरक्षियों को पक्षियों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान 56 से अधिक पक्षी देखे गए। वनों में पक्षियों का कलरव अपने आप में विशेष आकर्षण है। प्रशिक्षण केंंद्र के वन क्षेत्राधिकारी इंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार 36 वन आरक्षी प्रशिक्षण में शामिल हैं। वनों में जाकर वन, वन्यजीवों के अलावा पक्षियों के बारे में पूरा ज्ञान होना आवश्यक है। जैव विविधता में पक्षियों के योगदान को जानना आवश्यक है। nपक्षियों के व्यवहार पर विशेष जोर : प्रशिक्षण दे रहे पक्षी विद राजेश भट्ट का कहना है शिवालिक पर्वत, रामगंगा नदी की घाटी व कार्बेट के जंगलों में पक्षियों की सुंदर दुनिया आबाद है। कालागढ़ में वॉल क्रीपर, चेंजेबल हॉक ईगल, रफस वुडपैकर ,बैडिएटर फ्लाइकैचर, रॉक बंटिंग, रिवर लैपविंग, ग्रेट हॉर्नबिल, ओरिएंटल पाइड हॉर्नबिल, ग्रेटर येलो नेप वुडपैकर पक्षियों का दीदार हुआ। पक्षियों को पहचानने के तरीके, पक्षियों का महत्व, पक्षी जीवन के खतरों, पक्षियों के संरक्षण, उत्तराखंड एवं भारत में मिलने वाले पक्षियों की विशेषताएं, पक्षियों के विभिन्न व्यवहारों, पक्षी पर्यटन की गतिविधियां बताई गईं।