गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालन में चल रहा पैसे का खेल
बिजनौर। जिले में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का जाल बिछा है। आरोप है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालन में पैसे का खेल चल रहा है। विद्यार्थियों से दाखिले से लेकर परीक्षा तक तरह-तरह की फीस के नाम पर मोटे पैसे वसूले जा रहे। सीडीओ ने अवैध स्कूलों के संचालन को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कार्रवाई करने को कहा है।
अफजलगढ़ ब्लॉक के ग्रामीणों हरनाम सिंह, सुनील कुमार, हरजिंदर सिंह, कमल कुमार, हैदर अली आदि ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालन का आरोप लगाते हुए शिकायतीपत्र डीआईओएस को दिया है। आरोप है कि कक्षा पांच तक मान्यता प्राप्त स्कूलों में बारहवीं तक की कक्षाएं चल रही हैं।
यदि ग्रामीणों की बात पर यकीन करें तो आरोप है कि अवैध स्कूलों के संचालन से शिक्षा माफिया जुड़े हैं। शिक्षा माफिया विभागीय अधिकारियों से हमसाज है। अवैध स्कूलों के संचालन में पैसे का खेल चल रहा है। अवैध स्कूलों के संचालन की शिकायत होती है तो दबा दी जाती है। आरोप है कि अनेक ऐसे नामचीन स्कूल हैं जो दसवीं तक मान्यता प्राप्त है लेकिन वहां बारहवीं तक की पढ़ाई हो रही है।
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालन का प्रकरण उनके संज्ञान में आ गया है। जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार का कहना है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चिह्नित करने के लिए हर ब्लॉक में चेकिंग अभियान चलाएंगे।
एक-दूसरे का कार्य क्षेत्र बताकर झाड़ रहे पल्ला
अफजलगढ़ के ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध स्कूलों के संचालन की शिकायत करने पर डीआईओएस व बेसिक शिक्षा विभाग दफ्तर एक-दूसरे का कार्य क्षेत्र बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। आरोप-प्रत्यारोप के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच में जलीलपुर, अफजलगढ़ समेत कई ब्लॉक में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालन की बात सामने आई है।
जांच के लिए नियुक्त हैं नोडल अधिकारी
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हर ब्लॉक में शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी नियुक्त हैं। नोडल अधिकारी स्कूलों में शासन की विभागीय कार्यक्रमों की जानकारी देते हैं। नोडल अधिकारियों को स्कूलों की जांच करने का अधिकार है। स्कूल मान्यता प्राप्त है या नहीं। कहां तक मान्यता प्राप्त है। एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जा रही हैं या नहीं। स्कूल शासन के निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। यदि कहीं शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होती है। डीआईओएस हर माह समीक्षा करते हैं।