बिजनौर। जैविक खेती के साथ अब गन्ना विभाग प्राकृतिक खेती पर बल दे रहा है। इसलिए गन्ना विभाग अपने किसानों का चयन कर उन्हें प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देगा। साथ ही मॉडल फील्ड तैयार कर अन्य किसानों को वहां का भ्रमण कराएगा। विभाग ने चीनी मिलों के सहयोग से किसानों के चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गन्ना मंत्री एवं गन्ना, चीनी आयुक्त ने विभाग के अधिकारियों एवं चीनी मिलों को प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित के निर्देश दिए। इस संबंध में गन्ना आयुक्त ने बिजनौर सहित अन्य जिलों के गन्ना अधिकारियों व चीनी मिलों को निर्देशित किया है। गन्ना विभाग ने चीनी मिलों के सहयोग से शून्य बजट की खेती करने के लिए प्रशिक्षण देने को किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गोष्ठी व क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इन किसानों के खेतों को मॉडल बनाकर अन्य किसानों का वहां का भ्रमण कराया जाएगा।
प्राकृतिक खेती में यह होता है प्रयोग
डीसीओ ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसान गन्ना फसल में रासायनिक दवाईयों, उर्वरकों का प्रयोग नहीं होता है। इस विधि से किसान गन्ना खेती में प्राकृतिक से निर्मित उर्वरक व हरी खाद, पशुओं के गोबर, जैविक कीटनाशक उपयोग होता है।
पचास किसान कर रहे शून्य बजट गन्ना उत्पादन
बिलाई चीनी मिल के जीएम केन जयवीर सिंह ने बताया कि दस किसान गत सत्र से गन्ने की प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। पचास किसान इस बार भी प्राकृतिक गन्ना खेती कर रहे हैं और किसानों प्रेरित किया जा रहा है।
बोले अधिकारी
जनपद में प्राकृतिक विधि से गन्ना खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। चीनी मिलों के सहयोग से प्राकृतिक गन्ना खेती कराने के लिए किसानों का चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। -पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।