नजीबाबाद में केंद्र सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए रेलवे कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। उधर, आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन के आह्वान पर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन नजीबाबाद शाखा के बैनर तले रेलवे कर्मचारी सांकेतिक धरने पर बैठे। शाखा अध्यक्ष प्रवेश कुमार ने कहा कि रेलवे बोर्ड की ओर फेडरेशन के साथ लिए गए निर्णयों को लंबित रखना कर्मचारियों के साथ धोखा है। उन्होंने 4600 ग्रेड पे के कर्मियों को 4800 ग्रेड पे लागू करने, रनिंग स्टाफ को 4600 ग्रेड पे देने सहित कई मांगें उठाईं। शाखा सचिव अनिल शर्मा की देखरेख में हुए धरना प्रदर्शन में यूनियन से जुड़े कई रेल कर्मचारी शामिल हुए।
उधर, नॉदर्न रेलवे मेंस यूनियन की गेट मीटिंग में रेल कर्मियों से कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ लामबंद होने का आह्वान किया गया। फखरुद्दीन की अध्यक्षता और शाखा सचिव विक्रांत के संचालन में हुई गेट मीटिंग में विशिष्ट अतिथि वीके गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम बंद कर दी गई है। कगेट मीटिंग में इरफान अंसारी, रवि शर्मा, अंकुर, राकेश मीणा, शकील हैदर, जगदेव सिंह, विनोद, अनिल कुमार आदि रेलकर्मी शामिल हुए। उधर, फेडरेशन ऑफ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं वर्कर्स के आह्वान पर आयकर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आयकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया।
शाखा सचिव/आयकर निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में आयकर अधिकारी एके मौर्या, कर सहायक अंशुल भटनागर, विवेक गोयल, जितेंद्र सिंह, स्टेनो मोहित के अलावा दिलवर, गीता, पूनम, मुन्नी आदि कर्मचारियों ने दिन भर कार्य बहिष्कार रखा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय कर्मचारियों को सेवाकाल में पांच पदोन्नतियां देने, वेतनमान प्रत्येक पांच वर्ष में पुन: निर्धारित करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केंद्र सरकार के सभी विभागों में समान काम का समान वेतन देने की मांग की।