बिजनौर में पुलिस व प्रशासन की टीम सोमवार की आधी रात जिले कारागार में छापा मारकर बैरक और अस्पताल की तलाशी ली। इस दो मोबाइल एक सिगरेट का पैकेट व सेविंग किट जेल से बरामद हुईं। पकड़े गए दोनों मोबाइल पर किन लोगों से बात होती थी, इसकी पड़ताल की जा रही है।
एसपी प्रभाकर चौधरी, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम ने जिले के सभी सीओ, कई थानों की पुलिस के साथ सोमवार रात करीब 12 बजे जिला कारागार में छापा मारा। चार बैरकों के अलावा जेल के अस्पताल की तालाशी ली। बैरक नबंर दो में दानिश के बिस्तर और अस्पताल के टायलेट से एक-एक मोबाइल बरामद हुआ। टायलेट से मिला मोबाइल स्मार्ट फोन था। जबकि दानिश के पास से साधारण मोबाइल मिला। बैरक से एक सिगरेट का पैकेट और सेविंग किट भी मिली है।
जेल से बरामद मोबाइल किन के थे व उनसे किन लोगों से बात होती थी। सर्विलांस के जरिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं। आधी रात में जेल में हुई छापामारी से बंदियों व जेल अफसरों में हड़कंप मच गया। सोते बंदियों को उठाकर उनकी तलाशी ली गई। अस्पताल के टायलेट से मिला मोबाइल किसी ने छापे के डर से छिपाया है। अस्पताल में भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी समेत कई बंदी भर्ती हैं। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक जेल से मिले मोबाइल किसके है, इसकी अभी जांच कराई जा रही है।
जेल से मोबाइल पर बंदी करते हैं खूब बात
जेल से मोबाइल लंबे अरसे से चल रहे थे। जेल में मोबाइल चलने पर कोई रोक टोक नहीं है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन अगर सभी बैरकों की तलाशी लेता तो बड़ी तादाद में मोबाइल बरामद होते। पुलिस प्रशासन ने उन बैरक की ही तलाशी ली जहां मोबाइल चलने की शिकायत मिल रही थी। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक जेल में रुपयों के बलद पर मोबाइल खूब चल रहे हैं। छोटे से लेकर बड़ा तक बंदी जेल में मोबाइल पर बतियाता रहता है। अफसर इनकी ओर से आंखें बंद करे रहते हैं।
जेल अफसरों की फंसी गर्दन
जेल से दो मोबाइल बरामद होने के बाद इस मामले में जेल अफसरों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। इन अफसरों की शह पर ही जेल में ये मोबाइल चल रहे हैं। अब ये अफसर अपनी फंसी गर्दन निकालने के लिए रास्ता तलाश रहे हैं। ये नेता अपनी जान बचाने के लिए आने आकाओं की परिक्रमा करने में जुट गए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुट गया है कि जेल में कौन अफसर मोबाइल चलवा रहे थे।
पीएसी की निगरानी में रहेगी जेल
जेल के बाहर अब पीएसी लगाई जाएगी। पीएसी जेल में आने जाने वालों पर नजर रखेगी। साथ ही समय-समय पर जेल के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जाएगा। जेल में मोबाइल चलने की की भी गुप्त तरीके से जांच चलती रहेगी।