चंदक/बिजनौर। महाभारतकालीन गलखा देवी मंदिर पर गंगा कटान का मुआयना और श्रमदान करने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री का खादर के लोगों ने विरोध करते हुए घेराव किया। लोगों ने भाजपाइयों के अमले का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। कटान रोकने के लिए किए जाने वाले श्रमदान को गुस्साए लोगों ने दिखावा बताया। वहीं सदर विधायक के पति से लोगों की नोकझोंक भी हुई।
शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, सदर विधायक के पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी, पालिका चेयरपर्सन पति डॉ. बीरबल सिंह आदि समेत तमाम भाजपा नेता शनिवार को गलखा देवी मंदिर पहुंचे। नेताओं के साथ डीएम उमेश मिश्रा और एसपी नीरज जादौन समेत अन्य अफसर भी रहे। जहां गलखा देवी मंदिर के निकट कटान रोकने के लिए भाजपाइयों को श्रमदान करते हुए मिट्टी के कट्टे भरकर लगाने थे। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कट्टे भरने के लिए फावड़ा चलाया, लेकिन तभी भीड़ ने उनका विरोध शुरू कर दिया। भीड़ ने कहा कि इससे कटान थमने वाला नहीं है, पिछले कई दिनों से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कटान करते हुए गंगा का पानी मंदिर तक पहुंच गया है।
इस दौरान भीड़ ने भाजपा विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए लोगों की भीड़ ने प्रभारी मंत्री समेत पूरे अमले का घेराव किया। सदर विधायक के पति की भी भीड़ से नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों की मांग थी कि पेड़ों की डालियों की जगह पत्थर लगाकर कटान रोका जाए। मंत्री कपिल देव ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पत्थर मंगाने के लिए बिजनौर प्रशासन के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। मंदिर को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
खानापूर्ति का लगाया आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी गंगा कटान को रोकने के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से कटान रोकने के लिए प्रयास किया जा रहा है, तब से अब तक गंगा करीब 300 मीटर कटान करते हुए मंदिर तक आ पहुंची है। जिसमें कई किसानों के खेत भी समा गए। लोगों का कहना था कि पक्का स्टड बनाने के स्थान पर पेड़ों को काटकर गंगा में डाला जा रहा है। कटान रोकने के लिए उपयुक्त प्रयास नहीं किए जा रहे।
भाजपाइयों को उल्टा पड़ा दांव
शनिवार की सुबह भाजपा मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण गलखा देवी मंदिर पर पहुंचे। उनका आरोप था कि अधिकारी कटान रोकने में विफल हो रहे हैं, इसलिए उनके नेतृत्व में ग्रामीण अपने पैसों से पांच हजार कट्टों की व्यवस्था कर उनमें मिट्टी भरकर गंगा किनारे लगाएंगे। इसी दौरान गंगा तट पर प्रभारी मंत्री का काफिला पहुंच गया। तभी गंगा तट पर श्रमदान कर रहे ग्रामीणों ने अधिकारियों की जगह भाजपा नेताओं का ही घेराव कर दिया।