मिलों ने पिछले साल से ज्यादा गन्ना पेरा
बिजनौर। सोमवार रात जिले की चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र समाप्त हो गया। गन्ने की फसल कमजोर होने के तमाम कयासों के बावजूद जिले की चीनी मिलों ने पिछले साल से ज्यादा पेराई की है। साथ ही इस बार कोल्हू व क्रेशरों पर भी काफी गन्ना बेचा गया था। कोल्हू व क्रेशरों में भी काफी गन्ना पेरा गया था।
पिछले साल जिले की चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र मध्य जून तक चला था लेकिन इस बार समय से ही पेराई सत्र खत्म हो गया। पिछले साल के मुकाबले चालू पेराई सत्र में गन्ने का रकबा साढ़े 11 प्रतिशत तक बढ़ गया था लेकिन पैदावार 15 प्रतिशत से भी कम बताई जा रही थी। शुरूआत में गन्ने की पैदावार खेतों से कम निकली भी लेकिन बाद में पैदावार बढ़ती गई। जिले की चीनी मिलों ने इस बार गन्ना पेराई पिछले साल से भी अधिक कर ली है। पिछले साल मिलों ने 11 करोड़ 38 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी जबकि इस बार 11 करोड़ 45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। पिछले साल किसानों ने 3670 करोड़ का गन्ना मिलों को बेचा था। इस साल चीनी मिलों द्वारा पेरे गए जले हुए गन्ने की कीमत नहीं निकल पाई है, लेकिन यह तय है कि मिलों ने इस बार पिछले साल से ज्यादा कीमत का गन्ना खरीदा है। अगर जिले में इस बार कहीं ज्यादा कोल्हू व क्रेशर न चलते तो पेराई और बहुत ज्यादा होती। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि पेराई सत्र खत्म हो गया है। मिलों से भुगतान कराया जा रहा है।
चीनी मिलों में पिछले साल व इस साल पेराई की स्थिति
चीनी मिल पिछले साल इस साल पेराई
धामपुर 231.63 239.20
स्योहारा 214.50 218.25
बहादरपुर 119.47 127.94
बरकातपुर 141.36 142.38
बुंदकी 128.10 129.62
नजीबाबाद 51.66 48.34
बिजनौर 40.36 39.11
चांदपुर 64.65 62.79
बिजनौर 146.47 136.24
नोट: (गन्ना पेराई लाख क्विंटल में है।)
इस बार बनी है चीनी कम
इस बार चीनी मिलों ने उन्नत गुणवत्ता का बी हैवी शीरा ज्यादा बनाया है। पिछले साल मिलों ने 54.89 लाख क्विंटल शीरा बनाया था जबकि इस बार 62.27 लाख क्विंटल शीरा बनाया है। इस वजह से चीनी उत्पादन कम हुआ है। पिछले साल मिलों ने 132.86 लाख क्विंटल चीनी बनाई थी। इस बार पिछले साल से कम 127.29 लाख क्विंटल चीनी बनाई गई है।