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बीएसए के आदेश बिना ही मिड-डे-मील ऑडिट

Sat, 06 May 2017 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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धामपुर में नहटौर ब्लाक क्षेत्र में अधिकांश न्याय पंचायतों के समन्वयकों पर प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में मिड-डे-मील ऑडिट के नाम पर उगाही के आरोप लगे हैं। उधर, बीएसए महेश चंद का कहना है कि उन्होंने ऐसे आदेश नहीं दिए हैं। शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।
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नहटौर ब्लाक के कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके क्षेत्र के एनपीआरसी कह रहे हैं कि शासन स्तर से ब्लाक के प्रत्येक प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पिछले पांच साल के मिड-डे-मील का ऑडिट होना है। कोई भी गड़बड़ी मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का भय दिखाकर वसूली की जा रही है। अखेड़ा, पप्परा, बेगराजपुर न्याय पंचायत के कई स्कूलों के शिक्षकों ने ऐसे आरोप लगाए हैं।

पप्सरा न्याय पंचायत के समन्वयक हरिराज ने बताया कि उनके पास ऑडिट करने का बीएसए का आदेश है। यह बीआरसी पर तैनात बाबू मनमोहन सिंह ने उन्हें दिया है। अखेड़ा के न्याय पंचायत समन्वयक धीरेंद्र कुमार ने कई बार संपर्क करने पर भी फोन नहीं उठाया। बेगराजपुर के जयवर्धन सिंह ने बताया कि ब्लाक में एनपीआरसी मीड डे मील का पिछले पांच सालों का आडिट कर रहे हैं। अब तक किसी भी स्कूल में जाकर आडिट नहीं किया है।
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समन्वयकों पर लगे आरोप गलत : मनमोहन
बीआरसी पर तैनात बाबू मनमोहन सिंह ने समन्वयकों पर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि ब्लाक में पिछले पांच साल के मिड-डे-मील का शासन स्तर से होने वाले ऑडिट के मद्देनजर एक निर्धारित प्रपत्र पर वर्षवार सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। एनपीआरसी इन सूचनाओं के नाम पर स्वयं ही आडिट कर रहा है तो गलत है। ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं है।

समन्वयकों से ऑडिट का मतलब नहीं: बीएसए
बीएसए महेेश चंद का कहना है कि जिले में उन्होंने एनपीआरसी को मिड-डे-मील का ऑडिट करने का कोई आदेश नहीं दिया है। वह ऐसा कर रहे हैं तो गलत है। किसी भी मद की ऑडिट टीम अलग होती है। एनपीआरसी से इसका कोई मतलब नहीं है। कोई शिकायत करता है तो जांच कराई जाएगी।
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