बिजनौर में कोहरे और शीत लहर से पारा 3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, मगर नगर पालिका प्रशासन ने अभी तक रैन बसेरे नहीं बनाए हैं।
रैन बसेरे न बनने से गरीबों को रात में ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बिजनौर नगर पालिका द्वारा नगर में रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, चांदपुर की चुंगी, टाउन हॉल में सर्दी में रैन बसेरा स्थापित कराए जाते हैं। रैन बसेरे में लिहाफ और गद्दों का इंतजाम रहता है। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में बनने वाले रैन बसेरों में गरीब की भीड़ ज्यादा रहती हैं।
आमतौर पर दिसंबर के पहले सप्ताह तक रैन बसेरों की स्थापना हो जाती है, लेकिन इस बार अब तक व्यवस्था नहीं की गई है। यह स्थिति तब है जब कोहरे और ठंडी हवा से तापमान करीब 2.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस बाबत चेयरमैन फरीद अहमद के मुताबिक इस बार ठंड का असर देर से हुआ है। इसलिए नगर पालिका ने अभी तक रैन बसेरे नहीं बनवाए है।ं इस महीने के अंत या फिर अगले महीने रैन बसेरे लगवाएं जाएंगे।
कोहरे से जनजीवन प्रभावित
नजीबाबाद में शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बृहस्पतिवार को नजीबाबाद का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बच्चे ठिठुरते हुए ही स्कूल जाने को विवश हैं। ठंड के चलते बाजार सूने पड़ने लगे हैं। कोहरे के कारण ट्रेनें भी प्रभावित हैं। कई ट्रेनें दो से चार घंटा विलंब से चलने के कारण यात्री परेशान हो रहे हैं। उधर, सड़क यातायात भी कोहरे के कारण बुरी तरह प्रभावित है।
सर्द हवाओं ने बदला मौसम
कालागढ़ में सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम सर्द हो चला है। जिसकी वजह से गर्म कपड़े बाहर निकल आए है। शिवालिक पर्वतमालाओं और रामगंगा नदी की घाटियों में चलने वाली धां धू हवा भी चल रही है। जिससे पूरा इलाका सर्दी की चपेट में है। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के ज्ञान सिंह के अनुसार अब तापमान भी कम होने लगा हैं।