- चांदपुर के डॉ. आकाश गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने एक डॉक्टर से रंगदारी मांगने के आरोपी महबूब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
चांदपुर के डॉ. आकाश गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका क्लीनिक मोहल्ला सराय रफी फीना रेलवे क्रॉसिंग के पास गुप्ता डेंटल क्लीनिक के नाम से है। जिस पर महबूब निवासी मोहल्ला शाहचंदन चांदपुर आता है। वह उनसे रंगदारी के नाम पर डरा-धमकाकर 10-10 हजार रुपये ले चुका है। 21 दिसंबर 2022 को वह सुबह के समय रंगदारी के नाम पर फिर पैसे मांगने आया। इन्कार करने पर उसने मेरी साथ गाली गलौज और मारपीट की। उसकी पत्नी जो उसके साथ ही क्लीनिक पर काम करती है, उसे बचाने आई, तो उसके साथ भी गलत नियत से छेड़छाड़ की। महबूब ने जान से मारने की नीयत से उस पर तमंचा तान दिया। उसका व उसकी पत्नी का शोर सुनकर कुछ लोग भागकर आए।
महबूब से भागना चाहा, मगर वह उसे दबोचकर थाने ले आए। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर की रिपोर्ट दर्ज कर महबूब को जेल भेज दिया था। जमानत की सुनवाई के दौरान महबूब की क्रिमिनल हिस्ट्री मंगवाई गई तो उसके विरुद्ध 10 मुकदमे चांदपुर थाने में गंभीर धाराओं में दर्ज पाए गए। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि महबूब द्वारा पूर्व में भी गंभीर अपराधों को अंजाम दिया है। उसे जमानत पर छोड़ा जाएगा तो वह फिरौती मांगने से संबंधित अपराध अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का डर दिखाकर समाज में रहने वाले लोगों को भय ग्रसित करेगा। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए महबूब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
कुलदीप सिंह