बिजनौर में प्रशासन किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान मामले में वेव समूह समेत डिफाल्टर चीनी मिलों के खिलाफ बुधवार की बैठक के बाद कोई कार्रवाई करने का निर्णय ले सकता है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार बिजनौर, चांदपुर, बिलाई व बरकातपुर चीनी मिलों पर चालू पेराई सीजन की किसानों के गन्ने की 400 करोड़ से अधिक की देनदारी हो गई है। बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों पर पिछले सीजन का करीब 62 करोड़ बकाया है। दोनों चीनी मिल भुगतान में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। भाकियू के पदाधिकारी भी सोमवार को भुगतान के मामले में डीएम से मिले हैं। प्रशासन पेमेंट के लिए लगातार दबाव बना रहा है। जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने डिफाल्टर चारों चीनी मिलों की बैठक बुधवार अर्थात आज 11 बजे बुलाई गई है। डीएम ने वेव समूह के बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों के अधिकारियों क्रमश: एके सिंह व सुनील खोखर से कह दिया है कि वे आज की बैठक में चालू पेराई सीजन के गन्ना मूल्य का पेमेंट चेक बैठक में लेकर आएं। पैसा कहां से आना है यह दोनों चीनी मिल जानें। किसानों का पैसा दिलाना है।
गन्ना मूल्य भुगतान के आदेश दिए
बिजनौर। मंडलायुक्त यशवंत राव ने गन्ना भुगतान ने करने वाली चार चीनी मिलों के अधिकारियों को बैठक में कड़ी फटकार लगाई। हर हाल में 28 फरवरी तक भुगतान के आदेश दिए हैं। मंडलायुक्त ने मुरादाबाद कार्यालय में जिले के गन्ना भुगतान की समीक्षा की। किसान और चीनी मिल अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। किसानों ने मिलों के भुगतान न करने का मुद्दा उठाया। कहा कि बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल न तो पिछले साल का भुगतान कर रही हैं। और न इस साल का भुगतान किया है। वेव ग्रुप की ओर से गन्ना प्रबंधक राहुल चौधरी शामिल हुए। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि वेव ग्रुप के लोग महीनों से यही रोना रो रहे हैं। मंडलायुक्त ने बिजनौर, चांदपुर, बिलाई व बरकातपुर मिल के अधिकारियों को 28 फरवरी तक भुगतान के सख्त निर्देश दिए। मिलें हर हाल में 28 फरवरी तक भुगतान करें। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने इस संबंध में डीएम ने भी बैठक बुलाई है।