बिजनौर में पत्रकारों से वार्ता करते भाजपा नेता डा.बीरबल सिंह।
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बिजनौर और चांदपुर मिल का सीसीएल मंजूर
बिजनौर। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के वेस्ट यूपी संयोजक डा.बीरबल सिंह ने दावा किया कि वेव ग्रुप की बिजनौर मिल का 35 व चांदपुर मिल का 56 करोड़ का सीसीएल मंजूर करा दिया गया है। यह राशि एक-दो दिन में ही अवमुक्त हो जाएगी। इससे किसानों का भुगतान किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में डा.बीरबल सिंह ने बताया कि दोनों चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान के लिए उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक से सीसीएल मांगा था। बैंक से सीसीएल स्वीकार करा दिया गया है। मिलों को और लोन दिलाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। लोन की राशि से मिल किसानों का भुगतान करेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में हैं। उद्योगपतियों के कृषि में निवेश करने से किसानों की आमदनी और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे। कहा कि रखरखाव के अभाव में देश की 18 से 20 प्रतिशत फसल पैदावार बर्बाद हो जाती है। सरकार फसलों को बचाने, खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग लगवाने की बात कर रही है। कहा कि पहले की सरकारों ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया और विरोध के डर की वजह से कदम आगे नहीं बढ़ाए, लेकिन मोदी सरकार किसानों के हित के लिए विरोध भी झेल रही है। कहा कि विपक्षी दल किसानों को कानूनों के प्रति गुमराह कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कोऑपरेेटिव बैंक लखनऊ की डायरेक्टर इंदिरा सिंह ने बताया कि बिजनौर व चांदपुर मिल की करीब 55 करोड़ की सब्सिडी शासन पर बकाया है। इसे दिलाने के लिए भी पूरे प्रयास चल रहे हैं। इस पैसे से भी किसानों का भुगतान होगा। किसान नेता पद्म सिंह ने बताया कि बाकी भुगतान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। बैंक के सामने फिर से दोनों मिलों के सीसीएल संबंधी प्रस्ताव फिर से रखा जाएगा।