बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में वायरल डायरिया के मरीज बढ़ने लगे है। डायरिया की चपेट में ज्यादातर कुपोषित बच्चे हैं। कुपोषित होने से ही वायरस उन्हें जल्द ही अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इस समय वायरल डायरिया रोटा वायरस और एडिनो वायरस की वजह से हो रहा है। मेडिकल अस्पताल में रोजाना वायरल डायरिया के 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
बदलते मौसम में वायरस का प्रकोप बढ़ने लगता है। थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। चिकित्सकों की माने तो इस समय बच्चों में वायरल डायरिया की समस्या बढ़ गई है। रोटा वायरस और एडिनो वायरस सबसे सामान्य वायरस हैं। जिनसे बच्चों को वायरल डायरिया की समस्या बढ़ रही है। ये दोनों वायरस कुपोषित बच्चों पर ही ज्यादा हावी हैं। जिसकी वजह से कुपोषित बच्चे वायरल डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
जो बच्चे स्वस्थ हैं, उनमें डायरिया की समस्या बहुत कम देखने को मिल रही है। इसके अलावा वायरल बुखार की चपेट में भी बच्चे आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखें। डायरिया से ग्रसित बच्चों में उम्र के हिसाब से कम वजन देखने को मिल रहा है।
वायरल डायरिया के लक्षण
-उल्टी आना
-पतला मल आना
-पेट में दर्द होना
-शरीर में पानी की कमी होना
-बार-बार बुखार आना
-भूख कम लगना
वायरल डायरिया के कारण
-गंदगी की वजह से
-संक्रमण होने से
-खानपान की चीजों से एलर्जी होना
-मक्खी का गंदगी से उड़कर खाने में बैठने से
वायरल डायरिया से बचाव-
- बच्चे को ओआरएस पिलाएं
-पानी उबालकर और ठंडा करके दें
-बासी खाने का सेवन न करें
-धूप में बाहर निकलने से बचें
-कटे हुए फल और खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें
वर्जन::
मौसम में बदलाव होने से वायरल डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। वायरल डायरिया की चपेट में ज्यादातर कुपोषित आ रहे हैं। क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर है। बच्चे को मां का दूध पिलाना चाहिए। जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।.....डॉ. सुरेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल