एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी किराए के मकान पर पहुंचे और आनंद ने घटना की जानकारी पत्नी को दी तो वह चौक गई। आनंद उसे और बेटी-भांजे को दिल्ली के एक रिश्तेदार के घर ले गया। वहां से सभी शाहजहांपुर स्थित गांव भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उनको पहले ही पकड़ लिया।