- बुधवार को नूरपुर ब्लॉक प्रमुख के कार्यालय में बैठकर ली थी 50 हजार रुपये की रिश्वत
- विजिलेंस की टीम ने बृहस्पतिवार को बरेली में एंटी करप्शन कोर्ट में किया पेश
- बृहस्पतिवार को नूरपुर ब्लॉक में पसरा रहा सन्नाटा, समर्थक भी दिखाई दिए नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने गिरफ्तार किए गए नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशू चौहान को बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन कोर्ट बरेली में पेश किया। कोर्ट ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया।
साल 2009 में राशू चौहान की नियुक्ति संविदा के तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग बिजनौर में हुई थी। वे मिड-डे मील के जिला समन्यवक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले दिनों मुरादाबाद की फर्म महाराणा प्रताप सेवा संस्थान के सुपरवाइजर ने सतर्कता अधिष्ठान में राशू चौहान पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शुरुआती जांच में रिश्वत मांगने की बात पुख्ता होने पर सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बुधवार को ब्लॉक प्रमुख के कार्यालय में राशू चौहान को पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया था।
जिस वक्त टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया, उस वक्त राशू चौहान की पत्नी ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान भी वहां मौजूद थी। सतर्कता अधिष्ठान के सूत्रों की मानें को ब्लॉक प्रमुख ने अपने पति को बचाने के लिए टीम को बरगलाने का प्रयास भी किया। ब्लॉक प्रमुख की ओर से यह भी हवाला दिया गया है कि जो पचास हजार रुपये उनके पति से पकड़े हैं, वह रकम इंटरलॉकिंग ईंट खरीदने के लिए दी गई है। बताया गया कि ब्लॉक प्रमुख की इंटर लॉकिंग बनाने की फर्म है।
हालांकि सतर्कता अधिष्ठान की टीम उनके झांसे में नहीं आई और राशू चौहान को गिरफ्तार कर ले गई थी। केस दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन कोर्ट बरेली में पेश किया गया, जहां से राशू चौहान को जेल भेज दिया गया।
बिजनौर के थानों में ठहरना नहीं समझा गंवारा
सतर्कता अधिष्ठान के सूत्रों की मानें तो उन्हें जब पता लगा कि गिरफ्तार किया गया जिला समन्वयक ब्लॉक प्रमुख का पति है तो मामला गंभीर हो गया। ऐसे में टीम ने नूरपुर थाने में जाने का निर्णय बदल दिया। फिर चांदपुर या नहटौर थाने में जाने की योजना बनाई गई। मगर, ब्लॉक प्रमुख के समर्थक या ग्राम प्रधानों या अन्य रसूखदारों की भीड़ इकट्ठा होने की आशंका पर टीम ने तुरंत ही बिजनौर छोड़ दिया। इसके बाद मुरादाबाद जिले के थाना छजलैट में ले जाकर राशू चौहान को बंद किया गया। वहीं पर बैठकर टीम ने अपनी लिखा पढ़ी की। इसके बाद बरेली के लिए टीम रवाना हुई।
कमा ली थी अकूत दौलत, पत्नी को बनाया ब्लॉक प्रमुख
संविदा की नौकरी करने वाले जिला समन्वयक ने अपने कार्यकाल में अकूत दौलत अर्जित की। इतना ही नहीं पत्नी को नूरपुर ब्लॉक का प्रमुख भी बना दिया। फिर भी संविदा की नौकरी चलती रही। पत्नी राजनैतिक रसूख को बढ़ाने में लगी रही जबकि राशू चौहान धन संपदा को।
ब्लॉक प्रमुख ने दी सफाई, बोली-झूठा फंसाया गया
नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान ने कहा कि मेरे पति के खिलाफ साजिश करते हुए षड़यंत्र रचा गया है। उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। जो घटना घटी है, वह प्री प्लानिंग थी, हमारी इंटरलाॅकिंग की फैक्टरी है। इंटर लॉकिंग पहुंचाने के लिए उक्त रकम दी गई थी। बढ़ती सक्रियता को देखते हुए विरोधियों ने यह साजिश रची है। इससे बदनाम करने का उन्हें मौका मिल गया है। फिर भी इससे हमारा मनोबल कम नहीं होगा। परमात्मा न्याय करेगा।
ब्लॉक में पसरा रहा सन्नाटा, समर्थक चकित
नूरपुर ब्लॉक में प्रमुख के कार्यालय पर रोजाना समर्थकों और ठेकेदारों का जमावड़ा लगा रहता था। मगर, ब्लॉक प्रमुख के पति की गिरफ्तारी होने के बाद बृहस्पतिवार को उनके कार्यालय पर सन्नाटा नजर आया। बताया गया कि ब्लॉक प्रमुख भी गिरफ्तारी के बाद टीम के पीछे पीछे बरेली पहुंच गई थी।
मिड-डे मील के जिला समन्वयक राशू चौहान को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पचास हजार की रिश्वत लेने के आरोपी राशू चौहान को जेल भेज दिया है। - अरविंद यादव, एसपी, सतर्कता अधिष्ठान