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Bijnor News: किसानों ने उगाया श्रीअन्न, क्षेत्रफल के साथ बढ़ा धन

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बिजनौर। किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के गुर सिखाने के लिए गांवों में किसान पाठशाला चलाई जा रही हैं। खेतीबाड़ी के विषय विशेषज्ञ अधिकारी व कृषि वैज्ञानिक वहां पहुंचकर किसानों को तकनीकी खेती एवं श्रीअन्न (मिलेट्स) खेती करने की जानकारी दे रहे हैं। साथ में किसानों को कम खर्च में ज्यादा उपज लेने एवं किसान व आम आदमी के लिए श्रीअन्न के लाभ बता रहे हैं।
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खरीफ की प्रमुख फसलों की शस्य तकनीकी के साथ ही प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न (मिलेट्स), फसल बीमा, लागत कम उपज ज्यादा जैसे नवीनतम विषयों की जानकारी किसान पाठशाला में दी जा रही है। प्रगतिशील किसान भी अपनी खेती का अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे। श्रीअन्न की खेती से न सिर्फ फसलों की लागत घटेगी, बल्कि उत्पादन अच्छा होने से आय बढ़ेगी। मिलेट्स से तैयार उत्पादों का अपने खान-पान में शामिल करें।
सोमवार को मुबारकपुर तालन, कुकड़ा इस्लाम, फरीदपुर, चंदनपुर आदि गांवों पाठशाला का आयोजन हुआ। आत्मा नोडल आदित्य चौधरी ने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती, हरी खाद, कंपोस्ट खाद, वर्मी कंपोस्ट के प्रयोग व गर्मी में खाली खेतों की गहरी जुताई के बारे में जानकारी दी जा रही है ।
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-यह है श्री अन्न
ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी, कुटकी, सांवा, कोदो, चीना, कुट्टू, रामदाना ।

श्रीअन्न (मिलेट्स) का महत्व, उपयोगिता एवं मिलेट्स के अच्छे उत्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आने वाले समय में मिलेट्स का हमारे दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। अधिक से अधिक किसान श्रीअन्न की खेती करें।
-हरज्ञान सिंह, विषय विस्तु विशेषज्ञ कृषि विभाग
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-मिलेट्स का क्षेत्रफल 300 हेक्टेयर पहुंचा
जिले में श्रीअन्न (मिलेट्स) का करीब 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर किसान पाठशाला में वैज्ञानिक व अधिकारी पहुंचकर किसानों को जानकारी दे रहे हैं।
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-गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक बिजनौर।
संवाद
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