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Bijnor News: ढाई लाख के ईनामी आदित्य राणा एनकाउंटर प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच शुरु

Thu, 27 Apr 2023 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- एसडीएम धामपुर करेंगें मुठभेड़ व एनकाउंटर की जांच
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- 12 अप्रैल को क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर पाइन्दापुर के जंगल में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था आदित्य राणा

संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर ढाई लाख के फरारी कुख्यात बदमाश आदित्य राणा एनकाउंटर प्रकरण की जांच शुरु हो गई है। 12 अप्रैल को क्षेत्र के गांव बूढ़नपुर पाइंदापुर के जंगल में नहर के पास तड़के 2:30 बजे एसओजी व पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद प्रदेशीय स्तर घोषित माफिया आदित्य राणा को ढेर कर दिया था। धामपुर एसडीएम उक्त प्रकरण की जांच करेंगें।

उपजिला मजिस्ट्रेट धामपुर मनोज कुमार सिंह ने जिला मजिस्ट्रेट बिजनौर के पत्र के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक से प्राप्त आख्या विगत 12 अप्रैल,2023 को थाना स्योहारा अंतर्गत बदमाशों से पुलिस मुठभेड़ के संबंध में थाना स्योहारा पर आदित्य राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। स्योहारा के ग्राम पाइंदापुर जंगल में आदित्य के होने की सूचना पर गिरोह को घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया तो आदित्य व उसके साथियों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की गयी। पुलिस टीम द्वारा सूझ-बूझ के साथ आत्मरक्षार्थ में की गयी जवाबी फायरिंग के दौरान एक बदमाश को गोली लगी तथा शेष बदमाश जंगल की तरफ भाग गए। गोली लगने वाला बदमाश आदित्य राणा उर्फ रवि था, जिसकी हिस्ट्री शीट संख्या 41ए है, इसके विरुद्ध जिला बिजनौर व अन्य जिलों में 47 अभियोग पंजीकृत है। जिला बिजनौर व अन्य जिले के न्यायालयों से काफी संख्या में गैर जमानती वारंट निर्गत किए गए है। आदित्य राणा पर पुलिस महानिदेशक द्वारा 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पत्र में उल्लेखित प्राविधान के अनुसार पुलिस मुठभेड़ से संबंधित प्रकरण में मजिस्ट्रीयल जांच कराए जाने की व्यवस्था दी गयी है। एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर 24 अप्रैल को प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए आदेश मिले हैं। उक्त मजिस्ट्रीयल जांच में पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के बयान, साक्ष्य अंकित कराए जाने हैं। उक्त संबंध में उन्होंने बताया कि उक्त घटना से संबंधित पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के बयान, साक्ष्य तीन दिन के अंदर कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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