जलीलपुर में गांव जमालुद्दीनपुर में चांदपुर शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर रिजेक्ट बताकर गन्ना न खरीदने के विरोध में किसानों ने तौल बंद करा दी और प्लॉट में पड़ा गन्ना नहीं उठने दिया। किसानों का आरोप है कि जिस प्रजाति के गन्ने का पौधा उन्होंने मिल में सप्लाई किया था। अब शुगर मिल गन्ने की पेड़ी लेने से इंकार कर रही है। उनका कहना है कि केंद्र से जुड़े 500 किसानों पर इसी प्रजाति के गन्ने की पेड़ी है। किसानों ने उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। किसान संदीप कौशिक, जोनी गिरी, आदेश कुमार, सुरेश कुमार, ओमकार शर्मा, गुलाब सिंह आदि ने बताया रविवार को गन्ना प्रबंधक इसरार अहमद ने गन्ना क्रय केंद्र जमालुद्दीनपुर आकर किसानों से वार्ता की, लेकिन वार्ता का कोई हल नहीं निकला है।
रिकवरी बढ़ने का दिखाई देने लगा असर
बिजनौर में जिले मे अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ने का असर दिखाई देने लगा है। शुगर मिलों की रिकवरी बढ़ी है। इससे सीजन में करीब पौने आठ सौ करोड़ कीमत की ज्यादा चीनी बनने का अनुमान है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले के किसानों ने ट्रैंच विधि से अर्ली वैरायटी के गन्ने की बुआई अधिक रकबे में की थी। इससे 27 जनवरी तक शुगर मिलों की औसत रिकवरी करीब 11.80 प्रतिशत पहुंच गई है। यह पिछले साल की इसी तारीख के मुकाबले 2.24 प्रतिशत अधिक हैं। जिले में करीब साढ़े आठ लाख क्विंटल गन्ना होने का अनुमान है। आगे रिकवरी बढ़ेगी। इसके चलते शुगर मिल पिछले पेराई सीजन के मुकाबले 777 करोड़ कीमत की ज्यादा चीनी बनेगी। इस धन से मुरादाबाद मंडल के अमरोहा, मुरादाबाद तथा संभल जिलों में उत्पादित गन्ने के पूरी सीजन का भुगतान किया जा सकता है। वहीं डीसीओ ओपी सिंह के मुताबिक जिले के धामपुर शुगर मिल का गांव चकराजमल, स्योहारा का गांवड़ी, अफजलगढ़ का मुरलीवाला, बूंदकी का हैजरपुर, बरकातपुर का तिसोतरा, बिजनौर का नया गांव, चांदपुर का पीपली जट तथा बिलाई शुगर मिल का मानकपुरी गांव गन्ना उत्पादन में मॉडल गांव चिह्नित हैं। इन गांवों के किसानों ने अर्ली वैरायटी की प्रजातियों का ट्रैंच विधि से गन्ना बोया है।