धामपुर। गन्ना विभाग का मशीनरी बैंक किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। बैंक से किसान कृषि उपकरणों को किराए पर लेकर आसानी से कृषि जमीन की जुताई, समतलीकरण, गन्ना बुवाई आदि कार्य को समय पर और सस्ते दरों पर करा रहे। अब तक 35 हजार किसान इसका लाभ उठा चुके है।
गन्ना विभाग की ओर से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए मशीनरी बैंक का स्थापना की गई है। किसान बैक से कृषि उपकरणों को किराए पर ले सकते है। पहले किसानों को मशीनरी बैंक से अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराया जाता है। मगर, अब ऐसा नहीं है। अब सीधे किसानों को सरकारी दरों पर बैंक से खेती करने के लिए किराए पर ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों को उपलब्ध कराए जा रहे है। प्रत्येक उपकरण के अलग-अलग किराया रेट निर्धारित हैं।
किसानों का कहना है कि यह योजना बाजार में अन्य कृषि उपकरणों को किराये पर लेने की तुलना में बेहद सस्ती है। गन्ना समिति में करीब 85 हजार गन्ना किसान हैं। अब तक 35 हजार से ज्यादा हजार किसान मशीनरी बैंक से उपकरणों को किराए पर लेकर लाभ उठा चुके हैं।
यह है कृषि उपकरणों का निर्धारित किराया
मशीनरी बैंक प्रभारी दिग्विजय सिंह बताते हैं कि प्रत्येक कृषि उपकरण का किराया अलग-अलग है। इनमें टीलर 30 रुपए प्रति घंटा, मल्चर 46 रुपए प्रति घंटा, एमटी यानी कि जमीन पलटू टीलर 45 रुपये प्रति घंटा, आरएमडी बगैर स्प्रिंग टीलर 47 रुपए प्रति घंटा निश्चित है। ट्रैक्टर का किराया 735 रुपए प्रति घंटा है। किराया किसानों पर तभी लागू होता है, जब यह सभी संसाधन किसानों के खेतों पर पहुंचकर जुताई का कार्य शुरू कर देते हैं। किसानों से रास्ते में आने जाने का तेल और समय के बदले कुछ नहीं लिया जाता।
अन्य की तुलना में किराया सस्ता
किसान पंकज कुमार, महावीर सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि सामान्य तौर पर मशीनरी बैंक का ट्रैक्टर एक घंटे में 10 बीघा जमीन की जुताई करता है। अन्य ट्रैक्टर चालक अधिकतम छह बीघा प्रति घंटा की जुताई करते हैं। प्राइवेट तौर पर रेट भी अधिक है ।