फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के पशुओं में तेजी से बढ़ रहा लंपी रोग

विज्ञापन
हल्दौर के मोहल्ला रईसान में लंपी रोग से पीड़ित गाय। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
बिजनौर। जनपद के गोवंश पशुओं में लंपी स्किन रोग तेजी से फैल रहा है। बीमारी एक वायरस की तरह ही पशुओं में फैल रही है। दुधारू पशु भी बीमार होने से दूध पर संकट होने लगा है। बीमारी रोक थाम के लिए उपचार के साथ पशुपालन विभाग पशुपालकों को जागरूक कर रहा है। टीमें क्षेत्र में जाकर पशुओं की जांच कर रहे और किसान व पशुपालकों को बचाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं। जनपद के नांगल सोती, मंडावर, नजीबाबाद क्षेत्र में गांवों में पशु लंपी स्किन रोग बीमारी से पीड़ित हुए थे। अब यह बीमारी हल्दौर, नूरपुर आदि क्षेत्र के गांवों में गोवंश पशुओं में फैलने लगी है। पशुपालक बीमार पशुओं का सरकारी एवं निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। पशुपालन विभाग के रिकार्ड अनुसार जनपद में अभी 122 पशु लंपी स्किन रोग से पीड़ित है। परंतु कई पशुपालक इस बीमारी से पीड़ित पशुओं का प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कर रहे हैं। दुधारू पशु बीमारी की चपेट में आने से दूध पर भी संकट उत्पन्न होने लगा है।
विज्ञापन

क्षेत्र के कई गांवों में फैल रहा लंपी रोग
हल्दौर। नगर व देहात क्षेत्र के गांवों में लंपी स्किन रोग की बीमारी से 12 से अधिक पशु बीमार है। ग्रामीणों के अनुसार निराश्रित पशुओं में इस रोग के फैलने की आशंका जताई जा रही है। नगर के मोहल्ला रईसान निवासी अजय चौहान व इसी के मोहल्ले के घासी सिंह, गांव बल्दिया निवासी रमेश कुमार, महावीर सिंह, संजीव कुमार, गांव कूकड़ा इस्लामपुर, इनामपुरा आदि गांवों में करीब एक दर्जन से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। सूचना पर पहुंची टीम ने लंपी स्किन रोग की जांच कर दवाई दी। बीमार पशु के शरीर में बुखार होना शुरू होता है। बाद में पशु धीरे-धीरे चारा खाना बंद कर देता है। उसके शरीर पर गांठे पड़नी शुरू हो जाती है। उधर राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी विपिन कुमार राठी के अनुसार पशुओं में होने वाली लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए टीम पशुपालकों के घर घर जाकर पशुओं का इलाज कर रही है।
रोग की रोकथाम को ठोस कदम उठाने की मांग
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला उपाध्यक्ष ठाकुर नरेंद्र सिंह ने पशुओं में फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही निराश्रित पशुओं की भी जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन

इलाज के साथ किया जा रहा है जागरूक
मुख्य पशुचिकित्सक डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी 122 पशु बीमारी की चपेट में है। पशुओं का इलाज कराया जा रहा है। साथ ही पशुओं को मच्छरों से बचाएं, पशुओं को 24 घंटे खुले में न बांधे, पशुशाला में व आसपास साफ-सफाई रखने को बताया जा रहा है। हफ्ते में दो बार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने तथा बीमार पशु को अन्य से अलग बांधे आदि के बारे में बताया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें