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माध्यमिक विद्यालयों में शुरू हुआ निष्ठा कार्यक्रम

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माध्यमिक विद्यालयों में शुरू हुआ निष्ठा कार्यक्रम
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बिजनौर। शासन का नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर जोर है। इसके लिए प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय तक की पढ़ाई में सुधार के लिए लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। इस क्रम में अब जिले के राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन संवर्धन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की राज्य स्तर से ऑनलाइन निगरानी होगी।
जिले में 32 राजकीय तथा 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 1500 शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। माध्यमिक विद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू हो गई है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए निष्ठा कार्यक्रम शुरू किया गया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण 31 दिसंबर तक चलेगा। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण में शिक्षकों के बीच विषयवार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर चर्चा होगी। सामान्य शैक्षिक विषयों पर पर संवाद होगा। साथ ही विषय विशेष पर शिक्षण विधियां विकसित करने भी विचार होगा। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता की योजना बनाई जाएगी। बताया गया कि नई शिक्षा नीति में करो व सीखो को बढ़ावा दिया गया है। छात्रों को घिसी-पिटी रटाऊ नीति से हटकर करके सीखने की प्रवृत्ति की ओर बढ़ाना है।
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विद्यालयों को भेजे निर्देश
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि सभी राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को प्रशिक्षण संबंधी निर्देश भेज दिए गए हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी कॉलेजों के प्रधानाचार्य की है, रैंडम चेकिंग भी की जाएंगी। बताया कि ऑनलाइन प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए कॉलेजों को लिंक भेज दिए गए हैं। कॉलेज डीआईओएस कार्यालय से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अभिभावकों, बलराम सिंह, गजेंद्र सिंह, नरपाल सिंह आदि का कहना है कि जिले में 250 से अधिक वित्त विहीन विद्यालय हैं। जिनमें हजारों शिक्षक पढ़ाते हैं। वित्त विहीन विद्यालयों में ग्रामीण छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वित्त विहीन विद्यालयों में पढ़ने वाले ग्रामीण बच्चे भी अच्छी शिक्षा पाने के हकदार हैं। इसलिए इन विद्यालयों के शिक्षकों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण की जरूरत है।
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