जोगीरम्पुरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर श्रीराम नवमी पर्व पर लाउडस्पीकर लगाकर हवन एवं पूजा-अर्चना की गई। पहले हुए विवाद के मद्देनजर मंदिर व उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शिव मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने पर उठे विवाद के चलते सुबह से ही प्रशासन चौकन्ना था। मंदिर के आसपास एसडीएम और सीओ की उपस्थिति में भारी पुलिस बल मौजूद था। हिंदू संगठनों के जनपद बिजनौर, मुरादाबाद व संभल से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने के साथ रामनवमी पूजन कार्यक्रम शुरू हुआ।
युवा हिंदू वाहिनी के मंडल अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह, राजीव अग्रवाल, तरुण राजपूत, नकुल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद थे। मंदिर समिति की ओर से डॉ. दयाराम, बलकरन, महेंद्रपाल सिंह, विरेंद्र कुमार आदि ने पूजन में भाग लिया।
लाउडस्पीकर विवाद के चलते जोगीरम्पुरी व आसपास के लोगों में सुबह से ही तनाव था। आसपास की दुकानें बंद होने से सन्नाटा छाया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी।
उधर, मुस्लिम संप्रदाय में माइक लगाने को हुए दोनों पक्षों के समझौते के उल्लंघन से नाराजगी देखी गई।
ग्राम प्रधान मो. रफी, दयाराम सैनी, महेंद्र सिंह, मंगतराम, मो. यासीन, अनीस अहमद, मतलूब अहमद की उपस्थिति में हुए समझौते में नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में सुबह नौ से 11 बजे तक माइक नीचे रखकर बजाने पर सहमति हुई थी। बुधवार को मंदिर के ऊपर लाउसस्पीकर अचानक लगाया गया था।
इससे प्रशासन सकते में आ गया। देर शाम एसपी देहात डॉ. धर्मवीर सिंह की उपस्थिति में एसओ नगीना देहात ने लाउडस्पीकर उतरवाकर कब्जे में ले लिया। उधर, जोगीरम्पुरी के प्रधान मो. रफी ने बताया कि उन्होंने लाउड स्पीकर संबंधी विवाद में प्रशासन पर जिम्मा सौंपा था। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को पूजा के दौरान मंदिर क्षेत्र में जाने से बचने की सलाह भी दी थी।