चांदपुर में रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
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चांदपुर में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील, विधायक आवास, गन्ना समिति, वन विभाग सहित आधा दर्जन कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। रेलवे स्टेशन पर भारी आक्रोश के साथ पहुंचे किसानों ने एन वक्त पर ट्रेन रोकने का इरादा बदल दिया। इससे कार्यकर्ताओं में भाकियू के पदाधिकारियों के प्रति रोष व्याप्त हो गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा।
बकाया गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू का दो जनवरी से चांदपुर तहसील में धरना चल रहा है। मंगलवार को 63वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने महाशिवरात्रि के बाद बड़ा आंदोलन करने के एलान कर रखा था। मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने तहसील, वन विभाग, गन्ना समिति कार्यालय, विधायक आवास सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर तालाबंदी कर दी। कुछ समय बाद ही विधायक के आवास पर किसानों द्वारा लगाया ताला तोड़ दिया गया। दोपहर करीब दो बजे किसानों ने रेलवे स्टेशन पर डेरा डाल दिया। भाकियू पदाधिकारियों ने कब, कहां क्या करना है इसे गोपनीय रखा। माना जा रहा था कि आक्रोशित किसान गजरौला-नजीबाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रोकेंगे।
वहीं, सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए चांदपुर सर्किल के चारों थानों की पुलिस रेलवे स्टेशन पर तैनात रही। एसडीएम धीरेंद्र कुमार, सीओ राकेश श्रीवास्तव, तहसीलदार सुनील कुमार, कोतवाली निरीक्षक सतेंद्र कुमार मौके पर मौजूद रहे। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद भाकियू पदाधिकारियों द्वारा अंतिम समय तक भी ट्रेन रोकने का एलान न करने से किसानों में रोष व्याप्त हो गया। कुछ किसान ट्रेन रोकने के पक्ष में थे, लेकिन भाकियू पदाधिकारियों का कहना था कि ट्रेन रोकने के निर्देश उच्च स्तरीय पदाधिकारियों से नहीं मिले हैं। ट्रेन अपने समय से ही रवाना हो गई। भाकियू जिला महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं, मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं के तहसील में तालाबंदी किए जाने के बाद एसडीएम धीरेंद्र कुमार ने तहसील परिसर में खुले में ही समाधान दिवस में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना।