नूरपुर में जिले में बुखार की चपेट में िकशोर सहित दो मरीजों की मौत हो गई। नांगलसोती क्षेत्र में एक सप्ताह में तीन मौतों से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।
गांव मंडौरा निवासी गजराज सिंह यादव का 15 वर्षीय पुत्र विवेक उर्फ गोलू यादव को आठ दिन पहले बुखार आया था। कई दिन तक परिजन उसका आसपास के चिकित्सकों से ही इलाज कराते रहे। तीन दिन पूर्व हालत गंभीर होने पर उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से रविवार को उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। सोमवार सुबह दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक विवेक के पिता गजराज सिंह एक चिकित्सक हैं। उनके मुताबिक विवेक को चिकनगुनिया के लक्षण थे। दिल्ली के चिकित्सकों ने भी उसकी मौत चिकनगुनिया से होना बताया है। विवेक उनका इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उधर, गांव रवाना व चेहला में बुखार का प्रकोप अभी भी बना हुआ है। रवाना में बुखार के कारण रोजाना ही कोई न कोई मौत हो रही है। अब गांव मंडौरा में भी बुखार से मौत होने के कारण लोगों में दहशत पसरी हुई है।
उधर, नांगलसोती में बुखार से पीड़ित बच्चे की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। एक सप्ताह पहले बुखार से पीड़ित एक वृद्ध की मौत हो चुकी है। गांव सरायआलम निवासी अतिन का दो वर्षीय पुत्र गुरु मुख बीते एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने बिजनौर स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उसे भर्ती कराया था। उपचार के दौरान रविवार रात गुरुमुुख की मृत्यु हो गई। बालक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। एक सप्ताह पूर्व भी गांव के ही वृद्ध नजीर और पांच दिन पहले क्षेत्र के गांव मायापुरी निवासी किशोर गौरव की मृत्यु हो गई थी। नांगल क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर बुखार से पीड़ित तीन लोगों की मौत होने से नांगलवासियों में हड़कंप मचा है। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर पीड़ितों को उपचार देना गंवारा नहीं समझा। पीएचसी नजीबाबाद के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.नरेंद्र सिंह ने कहा कि गांव में टीम भेजकर बुखार से पीड़ित लोगों का उपचार किया जाएगा।