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आज फिर हो सकती है बारिश

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नजीबाबाद के जलालाबाद क्षेत्र में गन्ने की फसल में भरा पानी। - फोटो : NAZIBABAD
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बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त
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बिजनौर। दो दिन रुक रुककर हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बृहस्पतिवार को पूरे दिन और रात बारिश हुई। शुक्रवार को धूप निकलने से लोगों ने काफी राहत महसूस की। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 17.5 और अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता 97 प्रतिशत रही और दोपहर को यह घटकर 74 फीसदी पर पहुंच गई।
साल की शुरुआत से ही मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। आए दिन मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव से दिन और रात के मौसम में अंतर देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे तक हुई। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी ही हुई। करीब ढाई बजे के आसपास लगभग दो घंटे के लिए धूप निकली। इससे लोगों ने काफी राहत महसूस की। धूप सेंकने के लिए लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकले। हालांकि बीच बीच में बादलों की गड़गड़ाहट बरकरार रही। इसी बीच कभी बादल होने लगते तो कभी अचानक से धूप निकल जाती। वहीं, बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से किसानों के सामने पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। खेतों में नमी अधिक होने के कारण गन्ने की छिलाई नहीं हो सकी। मौसम वेधशाला नगीना के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार शनिवार को भी हल्की बारिश होने की संभावना है।
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बारिश में सरसों की फसल हो नुकसान
हल्दौर। क्षेत्र में भारी बारिश होने से सरसों का अधिकांश फूल झड़ गया है। किसान सरसों का उत्पादन घटने को लेकर चिंतित हैं। बारिश से मसूर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के नांगलजट, नवादा तुल्ला, पैजनियां, खासपुरा, कड़ापुर, लाड़नपुर, मुकरंदपुर आदि गांवों में सरसों की फसल खड़ी है। सरसों की अधिकांश फसल पर फूल खिले हुए थे। दो दिनों से क्षेत्र में रुक रुककर भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश होने के कारण सरसों के पौधों पर अधिकांश फूल नष्ट हो गया। मनोज कुमार, मदनपाल सिंह, राकेश कुमार, अशोक कुमार, वेदप्रकाश चौधरी आदि किसान सरसों का उत्पादन कम होने को लेकर चिंतित है। मसूर की फसल कम नमी वाले स्थानों उगाई जाती है और इसका उत्पादन भी बढ़िया होता है। खेतों में बारिश का पानी भर जाने से मसूर की फसल भी बर्बाद होने के कगार पर है। कृषि निवेश भंडार प्रभारी राकेश राणा बताते है कि सरसों के पौधों पर खिले फूल पर भारी बारिश व हवा का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फूल के दल पत्र टूटकर गिरने से इसका उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
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