...जीवन महा संग्राम है
बिजनौर। अमर उजाला द्वारा आयोजित कविता पढ़ो प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। बच्चों ने स्वरचित और बड़े कवियों की कंठस्थ कविताएं सुनाई ।
वेबिनार में प्रतिभाग करते हुए बिजनौर के मॉडर्न एरा पब्लिक स्कूल के छात्र गीतांशु पाल ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता अभी न होगा मेरा अंत अभी अभी तो आया है, मेरे वन में मृदुल वसंत, कक्षा नौ की छात्रा पलक गुप्ता ने सुनाया धान उगेंगे प्राण उगेंगे हमारे खेत में, आना जी बादल जरूर, बरसना सब के खेत में। पलक गुप्ता ने बताया कि वह अमर उजाला के हिंदी हैं हम कार्यक्रम में भी अपनी वीडियो भेज चुकी हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग के छात्र अवनीश कुमार ने यह हार एक विराम है, जीवन महासंग्राम है कविता सुनाई। सेंट मैरी बिजनौर की छात्रा देवयानी चौधरी ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता हठ कर बैठा चांद एक दिन, माता से यह बोला, सिलवा दो मां मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला सुनाई। देवयानी चौधरी ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ कहानी और कविताएं भी पढ़ती है। डीपीएस स्कूल दूधली की छात्रा माही मौर्य ने माता-पिता से संबंधित कविता सुनाई। माही ने सुनाया मेरे पापा एक बरगद हैं, जिसकी जड़ है मेरी मां, यही है मेरा आसमां, पापा का है प्यार अनोखा ,जैसे शीतल हवा का झोंका। बच्चों ने उत्साह के साथ कविताएं पढ़ी तथा हिंदी को समृद्ध करने का संकल्प भी वेबिनार में लिया।