- गांव स्वाहेड़ी बुजुर्ग के देवेंद्र हत्याकांड में सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश किए गए 14 गवाह
- राशन की दुकान और प्रधानी चुनाव को लेकर दोनों के बीच चल रही थी रंजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामलाल द्वितीय ने बहु चर्चित देवेंद्र हत्याकांड और उसके दो पुत्रों को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने इस मामले में पांच आरोपियों राम बहादुर, उसके पुत्र विकुल, नवनीत, पिंकू, अहसास को आजीवन कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से एक लाख रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश दिया है।
कोतवाली शहर के गांव स्वाहेड़ी बुजुर्ग निवासी हिरेंद्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके गांव के रहने वाले राम बहादुर की देवेंद्र से राशन की दुकान अैर प्रधानी चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी। देवेंद्र अपने पुत्र मोहित और अतुल के साथ 26 मार्च को अपना चोरी हुआ मेहड़ा लेने दीप के खेत पर पहुंचा।
इसी दौरान आरोपी राम बहादुर ने अपने पुत्र विकुल, नवनीत, पिंकू और एक अन्य अहसास के साथ मिलकर जान से मारने की नियत से लाठी-डंडो और तमंचे से हमला कर दिया। गोली लगने से देवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मोहित और अतुल गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दोनों घायलों को अस्पताल ले गए, जहां से चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया था।
अभियोजन अधिकारी संजीव वर्मा के अनुसार देवेंद्र हत्याकांड में सुनवाई के दौरान वीरेंद्र , अतुल, मोहित सहित कुल 14 गवाह पेश किए गए। गवाही सुनने के बाद न्यायाधीश रामलाल द्वितीय ने इस मामले में आरोपी राम बहादुर, विपुल, पिंकू, नवनीत और अहसास को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में आरोपी अंकुर के खिलाफ भी हत्याकांड के आरोपियों को शरण देने का मुकदमा दर्ज किया गया था। मगर कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अंकुर को बरी कर दिया।